बिहार में सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेते ही राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है. असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने साफ कहा कि बिहार में यह केवल बीजेपी की सरकार नहीं, बल्कि एनडीए (NDA) गठबंधन की सरकार है. उन्होंने जोर देकर कहा कि इस सरकार में बीजेपी, जेडीयू और अन्य सहयोगी दल शामिल हैं, इसलिए इसे सिर्फ बीजेपी सरकार कहना सही नहीं होगा.

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NDA सरकार पर क्या बोले सरमाहिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि बिहार में गठबंधन की ही सरकार बनी है और आगे भी यही स्थिति रहेगी. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भले ही बीजेपी से हों, लेकिन सरकार पूरी तरह एनडीए की है.

परिसीमन और महिला आरक्षण पर बयानपरिसीमन के मुद्दे पर सरमा ने कहा कि इस विषय पर संसद में पूरी चर्चा होगी और सभी दल अपनी राय रख सकेंगे. उन्होंने कहा कि असली मुद्दा महिलाओं को आरक्षण देना है, लेकिन अभी तक इस पर अंतिम निष्कर्ष नहीं निकला है कि किसे कितना आरक्षण मिलेगा. उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वह ध्यान भटकाने के लिए परिसीमन का मुद्दा उठा रहा है. सरमा ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर हमला बोलते हुए उन्हें “पागल आदमी” तक कह दिया, जिससे राजनीतिक विवाद और बढ़ गया है.

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असम चुनाव को लेकर दावाअसम में आगामी चुनाव को लेकर उन्होंने विश्वास जताया कि उनकी सरकार दोबारा आसानी से बन जाएगी. हालांकि, उन्होंने सीटों की संख्या को लेकर कोई स्पष्ट आंकड़ा देने से इनकार किया.

पवन खेड़ा को सुप्रीम कोर्ट से झटकाइस बीच, कांग्रेस नेता पवन खेरा को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है. शीर्ष अदालत ने तेलंगाना हाईकोर्ट के उस आदेश पर रोक लगा दी है, जिसमें खेड़ा को असम के मुख्यमंत्री की पत्नी पर आरोप लगाने के मामले में एक सप्ताह की अग्रिम जमानत दी गई थी.

न्यायमूर्ति जे.के. माहेश्वरी और न्यायमूर्ति ए.एस. चंदुरकर की पीठ ने इस मामले में नोटिस जारी करते हुए असम सरकार की याचिका पर जवाब मांगा है. अदालत ने फिलहाल विवादित आदेश के अमल पर रोक लगा दी है, लेकिन यह भी स्पष्ट किया कि अगर खेड़ा असम की अदालत में अग्रिम जमानत के लिए आवेदन करते हैं, तो इस आदेश का उस पर कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ेगा.