पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को चुनाव आयोग से बड़ा झटका लगा है. आयोग ने नंदीग्राम और रेजिनगर उप-चुनाव में टीएमसी के चुनाव चिह्न और नाम का इस्तेमाल नहीं करने का निर्देश दिया है. आयोग ने टीएमसी के बागी गुट को भी ये निर्देश दिया है. इस फैसले का ममता बनर्जी ने कड़ा विरोध किया है. वहीं बागी गुट खुश है.

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चुनाव आयोग के फैसलों के बाद टीएमसी की बागी सांसद और अभिनेत्री सायोनी घोष ने भी इशारों में वार किया है. उन्होंने एक्स पोस्ट में शहाब जाफ़री के शेर की आधी लाइन शेयर की. उन्होंने लिखा, ''तू इधर उधर की न बात कर ये बता कि क़ाफ़िला क्यूँ लुटा …..''

ममता बनर्जी गुट ने क्या कहा?

टीएमसी की संस्थापक ममता बनर्जी के लिए ये बड़ा झटका इसलिए भी है क्योंकि चिह्न उन्होंने खुद पार्टी स्थापना के समय बनाई थी और इसे मंजूरी मिली. 

गुरुवार को चुनाव आयोग ने टीएमसी के दोनों गुटों को नाम और ‘जोड़ा फूल’ चुनाव चिह्न नहीं इस्तेमाल करने का निर्देश दिया. इसपर टीएमसी के ममता गुट के सांसद और वकील कल्याण बनर्जी ने कहा कि उनका खेमा इस आदेश को नहीं मानता है.  

उन्होंने कहा, “यह आदेश कानून के खिलाफ है. इसमें कई कानूनी कमियां हैं. आदेश में तथ्यों को शामिल नहीं किया गया है. लेकिन कभी-कभी आपको ऐसी चीजें माननी पड़ती हैं.

विधानसभा चुनाव के बगावत

बता दें कि विधानसभा चुनाव रिजल्ट के बाद जून में विधायकों ने बगावत कर दी थी. 58 बागी विधायकों ने ममता खेमे के उम्मीदवार सोवनदेब चट्टोपाध्याय के बजाय निष्कासित नेता रिताब्रता बनर्जी को विपक्ष का नेता चुना था.

पांच दिन बाद यह बगावत संसद तक पहुंच गई. काकोली घोष दस्तीदार की अगुवाई में लोकसभा के 20 सांसद NCPI में शामिल हो गए और स्पीकर ओम बिरला को पत्र लिखकर BJP के नेतृत्व वाले NDA को एक अलग गुट के तौर पर समर्थन दिया.