मिडिल ईस्ट में जारी संकट को लेकर बुधवार (25 मार्च 2026) को ऑल पार्टी मीटिंग बुलाई. इसमें विदेश मंत्री एस जयशंकर से ईरान अमेरिका जंग में पाकिस्तान की मध्यस्थता को लेकर सवाल किया गया. इस पर विदेश मंत्री ने बताया कि पीएम मोदी ने जंग खत्म करने की बात कही है कि क्योंकि इससे सभी को नुकसान हो रहा है. वार्ता में पाकिस्तान की मध्यस्थता से जुड़े सवाल पर जयशंकर ने दो टूक कहा कि हम दलाल देश नहीं हो सकते हैं.

पाकिस्तान ने कहा वह मेजबानी को तैयार

विदेश मंत्री का ये बयान ऐसे समय में आया है जब पाकिस्तान ने अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध में खुद को संभावित मध्यस्थ के रूप में पेश किया. PAK प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने एक्स पर पोस्ट कर कहा, 'मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध को समाप्त करने के लिए चल रहे कूटनीतिक प्रयासों का पाकिस्तान स्वागत करता है. अमेरिका और ईरान की सहमति के साथ पाकिस्तान इस बातचीत को आसान बनाने के लिए मेजबानी को तैयार है.'

सूत्रों के मुताबिक ऑल पार्टी मीटिंग में विपक्ष ने पूछा कि पीएम मोदी और डोनाल्ड ट्रंप के बीच क्या बातचीत हुई. इस पर विदेश मंत्री जयशंकर ने बताया कि पीएम ने उन्हें (ट्रंप) कहा कि युद्ध समाप्त होना चाहिए क्योंकि इसका नुकसान हो रहा है.' विदेश मंत्री ने कहा, 'यूएस ने सालों से पाकिस्तान को ईरान के साथ बातचीत में लगा रहा है. ये तो 1981 से चल रहा है.'

कच्चे तेल और गैस की कमी नहीं: केंद्र सरकार

कांग्रेस और कई अन्य विपक्षी दल पश्चिम एशिया युद्ध और इसके भारत पर प्रभाव को लेकर सरकार से लगातार सवाल कर रहे हैं. इस बैठक में सरकार ने कहा कि हमारी प्राथमिकता प्रवासी भारतीयों की सुरक्षा और घरेलू ऊर्जा की जरूरतों को पूरा करना है. सरकार ने विपक्षी पार्टियों से कहा कि घबराने की कोई जरूरत नहीं है, कच्चे तेल और गैस का पर्याप्त भंडार होने के साथ-साथ और भी आ रहा है.

सर्वदलीय बैठक के बाद विपक्ष ने कहा कि इस मामले से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर सरकार का जवाब संतोषजनक नहीं था. उन्होंने यह मांग फिर दोहराई कि लोकसभा में नियम 193 और राज्यसभा में नियम 176 के तहत पश्चिम एशिया संकट को लेकर चर्चा होनी चाहिए. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता तारिक अनवर ने कहा कि बहुत सारे मुद्दे थे, जिन पर सरकार का जवाब संतोषजनक नहीं था.

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