US नागरिक समेत 7 विदेशियों के खिलाफ NIA की चार्जशीट, UAPA की धाराएं नहीं
NIA ने अमेरिकी नागरिक मैथ्यू एरॉन वैनडाइक समेत छह यूक्रेनी नागरिकों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है. आरोपियों पर Foreigners Act की धाराएं लगाई गई हैं, UAPA की नहीं.

नई दिल्ली. राष्ट्रीय जांच एजेंसी यानी NIA ने अमेरिकी नागरिक मैथ्यू एरॉन वैनडाइक समेत सात विदेशी नागरिकों के खिलाफ दिल्ली की विशेष अदालत में चार्जशीट दाखिल की है. इनमें छह यूक्रेनी नागरिक भी शामिल हैं. एजेंसी ने आरोपियों के खिलाफ फॉरेनर्स एक्ट की धारा 21 और 23 के तहत कार्रवाई की है. इस मामले में सबसे अहम बात यह है कि चार्जशीट में UAPA की कोई धारा नहीं लगाई गई है.
NIA के मुताबिक, सातों आरोपी मार्च 2026 में वैध वीजा के जरिए भारत पहुंचे थे. एजेंसी का आरोप है कि भारत आने के बाद उन्होंने जरूरी अनुमति लिए बिना मिजोरम के संरक्षित और प्रतिबंधित सीमावर्ती क्षेत्रों में प्रवेश किया. जांच एजेंसी के अनुसार, इसके बाद सभी आरोपी कथित तौर पर गैरकानूनी तरीके से म्यांमार की सीमा में चले गए. NIA ने इसी गतिविधि को चार्जशीट में मुख्य आपराधिक आरोप का आधार बनाया है.
ड्रोन को म्यांमार पहुंचाने का भी दावा
जांच के दौरान NIA ने आरोप लगाया कि यह समूह म्यांमार में सक्रिय कुछ जातीय सशस्त्र संगठनों और भारतीय विद्रोही संगठनों से जुड़े नेटवर्क के संपर्क में था. एजेंसी का दावा है कि यूरोप से ड्रोन लाकर भारत के रास्ते उन्हें म्यांमार तक पहुंचाया गया. NIA के मुताबिक, आरोपियों ने वहां संबंधित समूहों को सैन्य गतिविधियों और ड्रोन के इस्तेमाल से जुड़ी ट्रेनिंग देने की कोशिश भी की. हालांकि, अदालत में दाखिल चार्जशीट में तत्काल अभियोजन का आधार संरक्षित क्षेत्र में बिना अनुमति प्रवेश और विदेशी नागरिकों से जुड़े नियमों के कथित उल्लंघन को बनाया गया है.
7 आरोपियों के नाम
मामले में अमेरिकी नागरिक मैथ्यू एरॉन वैनडाइक के अलावा 6 यूक्रेनी नागरिकों को आरोपी बनाया गया है. इनके नाम कामिंस्की विक्टर, हुरबा पेट्रो, स्लीवियाक तारास, इवान सुकमानोव्स्की, स्टीफंकिव मैरियन और होंचारुक मक्सिम बताए गए हैं.
UAPA की जगह Foreigners Act क्यों?
इस मामले में UAPA का इस्तेमाल नहीं किया जाना खास तौर पर चर्चा में है. NIA ने आरोपों को फॉरेनर्स एक्ट के तहत आगे बढ़ाया है. चार्जशीट के मुताबिक मामला मुख्य रूप से विदेशी नागरिकों के प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश, वहां आवाजाही और सीमा पार करने से जुड़े नियमों के कथित उल्लंघन पर आधारित है. इसका मतलब यह है कि फिलहाल अदालत के सामने जिन आरोपों पर अभियोजन चलाया जा रहा है, वे विदेशी नागरिकों के प्रवेश और आवाजाही से जुड़े कानूनी प्रावधानों पर केंद्रित हैं. ड्रोन और सशस्त्र संगठनों से जुड़े NIA के दावों का उल्लेख जांच के हिस्से के रूप में किया गया है.
1 अक्टूबर को होगी अगली सुनवाई
NIA ने चार्जशीट दिल्ली की विशेष अदालत में दाखिल की है. राउज एवेन्यू कोर्ट ने चार्जशीट पर विचार करने और संज्ञान लेने के लिए 1 अक्टूबर की तारीख तय की है. अब अदालत यह देखेगी कि जांच एजेंसी की ओर से लगाए गए आरोपों पर कानूनी तौर पर संज्ञान लिया जाए या नहीं.
मार्च में गिरफ्तार हुए थे सातों विदेशी
NIA ने मार्च 2026 में मैथ्यू एरॉन वैनडाइक और छह यूक्रेनी नागरिकों को गिरफ्तार किया था. उस समय एजेंसी ने आरोप लगाया था कि ये लोग वैध वीजा के साथ भारत आए, लेकिन जरूरी अनुमति के बिना मिजोरम के संरक्षित क्षेत्रों में गए और बाद में म्यांमार में प्रवेश किया. अब जांच पूरी होने के बाद NIA ने इस मामले में चार्जशीट दाखिल कर दी है. फिलहाल मामला Foreigners Act की धाराओं के तहत अदालत में आगे बढ़ रहा है और 1 अक्टूबर की सुनवाई पर अगली कानूनी प्रक्रिया स्पष्ट होगी.




















