पश्चिम बंगाल में विपक्ष के नेता ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बागी गुट ने सोमवार (22 जून 2026) को वरिष्ठ पार्टी विधायक अरूप रॉय को असली टीएमसी का अध्यक्ष नामित किया. ऋतब्रत बनर्जी ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस के बागी नेताओं ने एक विशेष सत्र में सदस्यों ने अरूप रॉय को सर्वसम्मति से पार्टी का अध्यक्ष चुना. इस दौरान उन्होंने पूर्व सीएम ममता बनर्जी को बागी गुट वाले टीएमसी के साथ आने का ऑफर दिया.

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ऋतब्रत बनर्जी ने ममता को दिया ऑफर

कोलकाता में विपक्ष के नेता ऋतब्रत बनर्जी ने कहा, 'पूर्व मंत्री अरूप बिस्वास, विधायकों फिरहाद हकीम, रथिन घोष, सबीना यास्मीन को बागी तृणमूल का उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया. सवाल असली या नकली होने का नहीं है, हम तृणमूल कांग्रेस हैं और आज के विशेष सत्र की कार्यवाही के बारे में निर्वाचन आयोग को सूचित करेंगे. अगर ममता बनर्जी (बागी तृणमूल गुट की) मुख्य सलाहकार बनना चाहती हैं, तो उनका स्वागत है.'

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उन्होंने कहा, ‘हमने पार्टी के नियमों के अनुसार काम किया है और यह विशेष सत्र आहूत किया है. क्या सही है और क्या गलत, इसका फैसला निर्वाचन आयोग करेगा.’ उन्होंने बताया कि नवगठित नेतृत्व जल्द ही विभिन्न स्तरों पर पार्टी के संगठनात्मक ढांचे का गठन शुरू करेगा. उन्होंने कहा, ‘हम जल्द ही जिला समितियों, प्रदेश इकाई और प्रवक्ताओं के एक पैनल का गठन करेंगे.'

टीएमसी के बागी गुट का बड़ा दावा

यह विशेष सत्र पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस की हार के बाद पार्टी में पैदा हुई संकट के बीच आयोजित किया गया. कुछ ही दिन पहले पार्टी के 80 में से 58 विधायकों ने विपक्ष के नेता पद के लिए ऋतब्रत बनर्जी के दावे का समर्थन किया था और पार्टी नेतृत्व की पसंद को खारिज कर दिया था. बागी गुट का दावा है कि इसके बाद उनकी संख्या और बढ़ गई है.

हाल ही में पार्टी को संसद में एक और झटका तब लगा जब उसके 28 में से 20 लोकसभा सदस्य कथित तौर पर तृणमूल संसदीय दल से अलग हो गए और उन्होंने नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (एनसीपीआई) में विलय कर लिया. इन सांसदों ने बीजेपी नेतृत्व वाले एनडीए को समर्थन देने की भी घोषणा की.