मुंबई: एआईएमआईएम ने रविवार को कहा कि दक्षिणपंथी संगठन अयोध्या पर सुप्रीम कोर्ट के हाल के फैसले का मुसलमानों और मस्जिदों के विरुद्ध इस्तेमाल कर सकते हैं. सुप्रीम कोर्ट ने 27 सितंबर को 1994 के अपने फैसले की इस टिप्पणी को पुन: विचार के लिए पांच सदस्यीय संविधान पीठ के पास भेजने से इनकार कर दिया था कि मस्जिद इस्लाम का अभिन्न अंग नहीं है. यह प्रश्न अयोध्या जमीन विवाद की सुनवाई के दौरान उठा था.

ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लमीन के विधायक इम्तियाज जलील ने महाराष्ट्र के जालना में एक कार्यक्रम में कहा, ‘‘इस फैसले का कि मस्जिद इस्लाम का अभिन्न हिस्सा नहीं है, दक्षिणपंथी संगठन दुरुपयोग कर सकते हैं. इस फैसले से देश में उन मस्जिदों पर बहुत बुरा असर पड़ा है जिनपर आरएसएस और उससे जुड़े संगठनों ने दावा किया है. ’’

विधायक जलील ने व्यभिचार और समलैंगिक संबंधों को अपराध की श्रेणी से बाहर करने के सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर भी चिंता प्रकट की. उन्होंने कहा कि हमारी पार्टी वक्फ बोर्ड में चल रही गड़बड़ियों के मुद्दों को आगामी महाराष्ट्र विधानसभा सत्र में गंभीरता से उठाएगी. विधायक जलील ने कांग्रेस पार्टी पर भी हमला बोला जिसने एआईएमआईएम से भविष्य में किसी प्रकार के गठबंधन से इंकार किया है.

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