जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में पूर्व छात्र उमर खालिद की किताब “Fractured Communities: Adivasi Histories and the Politics of Power” पर प्रस्तावित बुक डिस्कशन को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. विश्वविद्यालय प्रशासन ने कार्यक्रम के लिए की गई ऑडिटोरियम बुकिंग रद्द कर दी है. हालांकि, इसके बाद JNU छात्रसंघ (JNUSU) ने घोषणा की है कि कार्यक्रम तय समय पर स्कूल ऑफ सोशल साइंसेज (SSS)-2 के बाहर खुले में आयोजित किया जाएगा, क्योंकि कार्यक्रम करने के लिए ऑडिटोरियम नहीं मिलेगा.
सामने आए दस्तावेजों के अनुसार, स्कूल ऑफ सोशल साइंसेज (SSS) के ऑडिटोरियम की बुकिंग के लिए 10 अगस्त, 2026 को दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे तक का समय मांगा गया था. आवेदन में कार्यक्रम का उद्देश्य “Public Talk for Adivasi Diwas (Book Discussion)” बताया गया था. आवेदन में यह भी बताया था कि यह एक आधिकारिक कार्यक्रम है और इसके लिए SSS-I ऑडिटोरियम की मांग की गई थी. आवेदन पर संबंधित फैकल्टी के सदस्य, विभागाध्यक्ष और दूसरे प्रशासनिक अधिकारियों के हस्ताक्षर (Official approval) भी दर्ज हैं, लेकिन 9 अगस्त, 2026 को जारी स्कूल ऑफ सोशल साइंसेज के संयुक्त रजिस्ट्रार के पत्र में इस बुकिंग को रद्द करने की जानकारी दी गई.
विश्वविद्यालय प्रशासन ने ऑडिटोरियम की बुकिंग रद्द कर जारी किया पत्र
पत्र में कहा गया है कि कार्यक्रम के बारे में सभी तथ्यों का खुलासा नहीं किया गया था, इसलिए SSS-I ऑडिटोरियम की बुकिंग निरस्त की जाती है. पत्र में यह भी कहा है कि यह निर्णय डीन, स्कूल ऑफ सोशल साइंसेज की स्वीकृति से लिया गया है. इसकी कॉपी SSS काउंसलर, मुख्य सुरक्षा अधिकारी और संबंधित सुरक्षा कर्मियों को भी भेजी गई है.
कार्यक्रम में कौन-कौन वक्ता हो रहे शामिल?
इसी बीच JNUSU की ओर से जारी पोस्टर के अनुसार, यह कार्यक्रम अंतरराष्ट्रीय आदिवासी दिवस के अवसर पर आयोजित किया जाना था. पोस्टर में उमर खालिद की पुस्तक “Fractured Communities” पर चर्चा की घोषणा की गई है. कार्यक्रम में प्रो. प्रभु महापात्रा, प्रो. उमा चक्रवर्ती, शुद्धब्रत सेनगुप्ता, हर्ष मंदर और बनोज्योत्सना लाहिड़ी सहित कई वक्ताओं के शामिल होने की जानकारी है.
इस बीच JNU के आधिकारिक X हैंडल पर भी इस मामले से जुड़े दस्तावेज पोस्ट किए गए हैं. इसमें कार्यक्रम का पोस्टर, JNUSU की ओर से ऑडिटोरियम बुकिंग के लिए दिया गया आवेदन और बाद में प्रशासन द्वारा जारी बुकिंग रद्द करने का आदेश साझा किया गया है.
बुकिंग रद्द होने के बाद JNUSU ने जारी किया बयान
बुकिंग रद्द होने के बाद JNUSU ने मीडिया को भेजे संदेश में कहा कि ऑडिटोरियम की बुकिंग भले ही रद्द कर दी गई हो, लेकिन कार्यक्रम रद्द नहीं किया गया है. छात्रसंघ के मुताबिक, अब यह बुक डिस्कशन SSS-2 के बाहर खुले परिसर में तय समय पर आयोजित किया जाएगा. अब यह देखना होगा कि प्रशासन के फैसले और छात्रसंघ के ऐलान के बीच कार्यक्रम किस तरह आयोजित होता है और विश्वविद्यालय परिसर में इसे लेकर आगे क्या स्थिति बनती है.
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