तेलंगाना की राजनीति में उस समय हलचल बढ़ गई जब बीजेपी सांसद धर्मपुरी अरविंद ने दावा किया कि मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी भविष्य में कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल हो सकते हैं. उन्होंने रेवंत रेड्डी की तुलना पश्चिम बंगाल के नेता शुभेंदु अधिकारी से की, जिन्होंने कभी टीएमसी छोड़ बीजेपी का दामन थामा था.
‘कांग्रेस ने रेवंत रेड्डी को CM बनाकर गलती की’धर्मपुरी अरविंद ने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व ने लंबे समय से पार्टी में काम कर रहे वरिष्ठ नेताओं को नजरअंदाज कर रेवंत रेड्डी को मुख्यमंत्री बनाया, जो एक बड़ी राजनीतिक गलती साबित हो सकती है.
शुभेंदु अधिकारी से की तुलनाबीजेपी सांसद ने कहा कि जैसे शुभेंदु अधिकारी ने टीएमसी छोड़ बीजेपी जॉइन की और बाद में ममता बनर्जी के सबसे बड़े विरोधियों में शामिल हो गए, वैसे ही तेलंगाना में भी कुछ बड़ा राजनीतिक बदलाव हो सकता है. उन्होंने कहा, 'मुझे नहीं पता अंदर क्या चल रहा है, लेकिन ऐसा लग रहा है कि कुछ बड़ा पक रहा है.'
2028-29 चुनाव में कांग्रेस की हार का दावाअरविंद ने दावा किया कि आने वाले विधानसभा चुनावों में कांग्रेस को बड़ी हार का सामना करना पड़ेगा. उन्होंने कहा, '1985 और 1994 की तरह 2028-29 में भी कांग्रेस को करारी हार मिलेगी. रेवंत रेड्डी के नेतृत्व में पार्टी बुरी तरह हारने वाली है.'
पीएम मोदी की टिप्पणी के बाद बढ़ी अटकलेंबीजेपी सांसद का यह बयान ऐसे समय आया है जब हाल ही में नरेंद्र मोदी ने हैदराबाद के एक कार्यक्रम में रेवंत रेड्डी की मौजूदगी में कहा था, 'आप जहां पहुंचना चाहते हैं, वहां नहीं पहुंच पाएंगे... अच्छा है कि मेरे से ही जुड़ जाओ.' प्रधानमंत्री की इस टिप्पणी के बाद राजनीतिक गलियारों में कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई थीं. उस समय मंच पर मौजूद रेवंत रेड्डी सिर्फ मुस्कुराते नजर आए थे.
तेलंगाना में तेज होगी राजनीतिक लड़ाईधर्मपुरी अरविंद ने कहा कि अगले दो वर्षों में तेलंगाना में हाई-वोल्टेज राजनीति देखने को मिलेगी और बीजेपी राज्य में सत्ता में आएगी. माना जा रहा है कि उनके इस बयान पर कांग्रेस और मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी की ओर से तीखी प्रतिक्रिया आ सकती है, खासकर तब जब राज्य में निकाय चुनावों को लेकर राजनीतिक माहौल पहले से गरम है.
