यूपी: उत्तर प्रदेश में महिलाओं के खिलाफ अपराध रुकने का नाम नहीं ले रहा है. ऐसा लगता है कि प्रदेश सरकार और प्रशासन सिर्फ तमाशबीन बनी हुई है और दरिंदों के हौसले लगातार बुलंद होते जा रहे हैं. आलम ये है कि अपराधी खुले में घूम रहे हैं और राज्य की पुलिस अपराधियों के खिलाफ किसी भी प्रकार की कार्रवाई नहीं कर रही है. रायबरेली जिले से एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है. आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने की वजह से परेशान एक बलात्कार पीड़िता ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और सीएम योगी आदित्यनाथ को खून से खत लिखकर मदद की गुहार लगाई है.

रायबरेली की रहने वाली इस छात्रा ने 20 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को खून से लिखे पत्र में आरोप लगाया है कि आरोपियों की ऊंची पहुंच की वजह से पुलिस उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रही है. लड़की ने लिखा है कि आरोपी उससे मुकदमा वापस लेने के की धमकी दे रहा है.

लड़की का कहना है कि अगर उसे न्याय नहीं मिला तो वह आत्महत्या कर लेगी. अपर पुलिस अधीक्षक शशि शेखर सिंह ने बताया कि बाराबंकी में इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रही रायबरेली की एक लड़की के पिता ने मार्च, 2017 में पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि एक लड़का उनकी बेटी को परेशान करता है.

सिंह ने बताया कि शिकायत में आरोप लगाया गया है कि आरोपी एक दिन जबरन उनकी बेटी को एक मकान में ले गया, और अपने एक मित्र की मौजूदगी में उसके साथ बलात्कार किया. तभी से वह छात्रा को ब्लैकमेल कर रहा है. उन्होंने बताया कि लड़की के पिता की शिकायत पर पुलिस ने 24 मार्च 2017 को आरोपी दिव्य पाण्डेय और अंकित वर्मा के खिलाफ बलात्कार सहित अन्य आरोपों में मुकदमा दर्ज किया था.

अपर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि उसके बाद नौ अक्तूबर 2017 को लड़की के पिता ने शहर के कोतवाली में तहरीर देकर आरोप लगाया था कि उनकी दूसरी बेटी के नाम पर फेसबुक आईडी बनाकर किसी ने अश्लील चीजें पोस्ट की है. पुलिस ने इस संबंध में आईटी एक्ट के तहत अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था.

सिंह ने कहा कि इस मामले में पुलिस को अभी तक विशेषज्ञ टीम की रिपोर्ट नहीं मिली है. अधिकारी ने कहा कि पुलिस को पीड़ित लड़की द्वारा खून से खत लिखे जाने के बारे में कोई जानकारी नहीं है. वहीं पुलिस अधीक्षक शिवहरि मीणा ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है.