सीडीएस जनरल अनिल चौहान ने देश के दुश्मनों को कड़ा संदेश देते हुए हुंकार भरी है कि भले ही भारत एक शांतिप्रिय देश है, लेकिन हम 'शांतिवादी' नहीं हैं. ऐसे में दुश्मन गलतफहमी में न रहे. यही वजह है कि देश की सेनाएं युद्ध के लिए हमेशा तैयार रहती हैं, क्योंकि शक्ति से ही शांति आ सकती है.
सीडीएस जनरल चौहान ने मंगलवार (26 अगस्त, 2025) को महू (इंदौर) स्थित आर्मी वॉर कॉलेज में आयोजित रण-संवाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि शक्ति के बिना शांति एक 'यूटोपियन' धारणा है. जनरल चौहान ने राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की पंक्तियों को दोहराते हुए कहा कि "क्षमा शोभती उस भुजंग को जिसके पास गरल हो, उसको क्या जो दंतहीन विषरहित, विनीत, सरल हो." सीडीएस ने कहा कि अगर आप शांति चाहते हैं तो युद्ध के लिए तैयार रहें. CDS ने बताया- फ्यूचर वॉरफेयर कैसा होगाजनरल चौहान ने कहा कि रण संवाद का उद्देश्य ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा करना नहीं है. क्योंकि ऑपरेशन सिंदूर से जो पाठ हमें पढ़ना था उसे क्रियान्वित किया जा रहा है. सीडीएस ने कहा कि रण संवाद में हम ऑपरेशन सिंदूर के आगे क्या है उस पर चर्चा कर रहे हैं यानी 'फ्यूचर वॉरफेयर' कैसा होगा.
उन्होंने कहा कि निकट भविष्य की जंग बेहद खतरनाक होगी, उसमें हम मिलकर (थलसेना, वायुसेना और नौसेना मिलकर) ही जीत हासिल कर सकते हैं. जनरल चौहान ने कहा कि हमें हर हालात में सशक्त और आत्मनिर्भर बनना है.
सुदर्शन चक्र मिशन को लेकर क्या कहाइस साल स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सुदर्शन चक्र मिशन को लेकर किए गए ऐलान पर सीडीएस ने कहा कि इस पर काम शुरू हो चुका है. जनरल चौहान ने कहा कि रविवार को डीआरडीओ (डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गेनाइजेशन) द्वारा इंटीग्रेटेड एयर डिफेंस वेपन सिस्टम (आईएडीडब्लूएस) का सफल परीक्षण इसी कड़ी का हिस्सा है.
सीडीएस ने कहा कि वर्ष 2035 में जब ये मिशन पूरा होगा तो यह भारत की आयरन डोम (या फिर गोल्डन डोम) की तरह देश की सुरक्षा करेगा. सीडीएस ने कहा कि भारत विकसित बनने की दिशा में अग्रसर है. ऐसे में भारत की सेनाएं भी दुनियाभर की एडवांस मिलिट्री की श्रेणी में शामिल होने के लिए प्रयासरत हैं.
ये भी पढ़ें