राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़ी कथित चोरी का मामला लगातार चर्चा में बना हुआ है. इस मुद्दे को लेकर विपक्ष भारतीय जनता पार्टी (BJP) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर लगातार हमला कर रहा है. इस बीच कांग्रेस नेता प्रियांक खरगे ने एक्स पर पोस्ट कर आरोप लगाया कि बीजेपी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पूरी राजनीतिक यात्रा राम मंदिर आंदोलन के आसपास खड़ी रही है. उनका कहना है कि 1990 के दशक से RSS का सबसे बड़ा मुद्दा राम मंदिर रहा है.

Continues below advertisement

कर्नाटक सरकार में मंत्री का यह भी आरोप है कि चढ़ावे से जुड़ी कथित चोरी के मामले में सच्चाई सामने आने से रोकने की कोशिश की जा रही है. उनका कहना है कि इस मामले पर लोगों के सवालों को सीमित करने या नियंत्रित करने की मांग यह दिखाती है कि इस पूरे मामले में खुलकर जवाब देने से बचने की कोशिश हो रही है.

ये भी पढ़ें: 'बहुत ही दुखद, उनका जाना...', पद्म विभूषण पंडवानी गायिका तीजन बाई के निधन पर PM मोदी की आई प्रतिक्रिया

दोषियों को बचाने की कोशिश की कोशिश

खरगे का दावा है कि BJP और RSS ने पहले ही इतनी मजबूत राजनीतिक ताकत हासिल कर ली है कि अब वे नहीं चाहते कि लोग इस तरह के मामलों में सवाल पूछें. उनका कहना है कि किसी भी लोकतंत्र में जनता को सवाल पूछने और जवाब मांगने का पूरा अधिकार है.  यह आरोप भी है कि BJP और RSS ने राम के नाम पर राजनीतिक और आर्थिक दोनों तरह से लाभ उठाया है. उनके अनुसार, अगर चढ़ावे से जुड़ी कथित चोरी के मामले में दोषियों को बचाने की कोशिश की जाती है, तो इससे यह संदेश जाता है कि सत्ता और राजनीतिक फायदे को ज्यादा महत्व दिया जा रहा है.

BJP-RSS और VHP आरोपों को स्वीकार नहीं करते

विपक्ष का कहना है कि करोड़ों लोगों की धार्मिक आस्था से जुड़े इस मामले में पूरी पारदर्शिता होनी चाहिए और जांच निष्पक्ष तरीके से पूरी की जानी चाहिए. उनका आरोप है कि इस पूरे घटनाक्रम से यह सवाल फिर उठ रहा है कि क्या राम मंदिर आंदोलन का मकसद केवल आस्था था या इसके पीछे राजनीतिक और आर्थिक फायदे भी जुड़े थे. हालांकि, BJP, RSS और विश्व हिंदू परिषद (VHP) इन आरोपों को स्वीकार नहीं करते हैं. उनका कहना है कि चढ़ावे से जुड़ी कथित चोरी के मामले में दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए. साथ ही उनका कहना है कि इस घटना के आधार पर पूरे राम मंदिर आंदोलन या इन संगठनों की नीयत पर सवाल उठाना उचित नहीं है. उनका यह भी कहना है कि मामले की जांच जारी है और अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएंगे.

ये भी पढ़ें: 'मेरी वफादारी पर सवाल उठाया गया', बंगाल TMC चीफ चंद्रिमा भट्टाचार्य ने क्यों छोड़ा ममता बनर्जी का साथ? खुद दिया जवाब