राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला थमने का नाम नहीं ले रहा है. पूरा विपक्ष इस मुद्दे पर बीजेपी और संघ के ऊपर हमलावर है. चढ़ावा चोरी के सामने आने के बाद बीजेपी की हिंदुत्व की राजनीति का सबसे बड़ा केंद्र रहा राम मंदिर मुद्दा अब बीजेपी के खिलाफ एक बड़ा चुनावी मुद्दा बनाता जा रहा है. यूपी विधानसभा चुनाव से पहले विपक्ष हमलावर है. बीजेपी को इस मुद्दे से बाहर निकलने का रास्ता समझ नहीं आ रहा है. ऐसे में चूंकि ये मुद्दा हिंदू आस्था से जुड़ा है तो ऐसे में संघ और विहिप ने इस मुद्दे की कमान अपने हाथ में ले ली है. पहले विहिप अध्यक्ष आलोक कुमार ने सभी सवालों के जवाब दिए और अब संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने अपना बयान जारी किया है.

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राम मंदिर दान चोरी मामले पर जारी अपने बयान में आरएसएस सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने कहा कि श्री राम जन्मभूमि मंदिर करोड़ों रामभक्तों की श्रद्धा, आस्था और भक्ति का केंद्र है. ऐसे में दानपात्रों से धनराशि चोरी की घटना पूरे हिंदू समाज की भावनाओं को आहत करने वाली है. उन्होंने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास के आग्रह पर उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित एसआईटी और शुरू की गई कानूनी कार्रवाई का स्वागत किया. साथ ही मांग की कि जांच में जो भी दोषी पाए जाएं, उन्हें कठोर दंड दिया जाए. इसके साथ साथ उन्होंने ट्रस्ट के संचालन और वित्तीय प्रबंधन को अधिक पारदर्शी बनाने की मांग भी की.

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हिंदू समाज से धैर्य और संयम बनाए रखने की अपील

दत्तात्रेय होसबाले ने पूरे हिंदू समाज से धैर्य और संयम बनाए रखने की अपील की. संघ ने कहा कि इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना का फायदा उठाकर हिंदू विरोधी और राष्ट्र विरोधी शक्तियां समाज को बदनाम करने की कोशिश कर सकती हैं, इसलिए ऐसे किसी भी षड्यंत्र को विफल करना सभी की जिम्मेदारी है. दत्तात्रेय होसबाले हों या विहिप अध्यक्ष आलोक कुमार दोनों अपने बयानों में विपक्ष के ऊपर हमलावर हैं. इसका मकसद यही है कि चढ़ावा चोरी के मामले के बाद इसमें शामिल लोगों पर कार्यवाही तो हो लेकिन इसका फायदा चुनावों में विपक्ष को ना मिले. विपक्ष की कोशिश है कि राम मंदिर मामले पर बीजेपी को घेरा जाए और हिंदुओं के वोट में बंटवारा किया जाए क्योंकि बीजेपी हिदुत्व की राजनीति के जरिए हिंदुओं के वोट में बंटवारे को रोकने की रणनीति पर काम करती है. पिछले लोकसभा चुनाव में यूपी में बीजेपी हिंदू वोटों में बंटवारे का नुकसान उठा चुकी है. 

संघ और विहिप ने कमान अपने हाथ में ले ली

इस पूरे मामले पर अब संघ और विहिप ने कमान अपने हाथ में ले ली है. पहले विहिप अध्यक्ष आलोक कुमार लगातार इस मामले पर बयान देते आए और दोषियों पर कार्यवाही की मांग के साथ साथ कारसेवकों पर गोली चलवाने और सुप्रीम कोर्ट में एफिडेविट का मुद्दा उठाकर विपक्ष को घेरते हुए नजर आए. और अब दत्तात्रेय होसबाले अपने बयान में हिंदू विरोधी शक्तियों का जिक्र करते हुए नजर आए. इसका मतलब साफ है दोषियों पर कार्यवाही भी हो और संघ ,विहिप और बीजेपी की छवि को नुकसान भी ना हो.

संघ मामले पर पूरी जानकारी का इंतजार कर रहा

सूत्रों के मुताबिक संघ इस मामले पर पूरी जानकारी का इंतजार कर रहा था. सरकार द्वारा बनाई गई SIT की शुरुआती रिपोर्ट और संघ के अपने सूत्रों द्वारा मंगाई गई जानकारी के बाद संघ ने इस मामले पर जानकारी जुटा ली है. इसके बाद बयान जारी करने का फैसला लिया गया. संघ के अंदर ये मानना है कि जो हुआ वैसा नहीं होना चाहिए था और इस पूरे मामले से हिंदू समाज आहत हुआ है. इसलिए अब इस मामले में संघ और विहिप के बड़े पदाधिकारी सामने आकर बयान दे रहे हैं.

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