अयोध्या के भव्य मंदिर के लिए रामलला की मूर्ति बनाने वाले मैसूर के मूर्तिकार अरुण योगीराज, मंदिर कर्मचारियों द्वारा दान की चोरी की खबरों से स्तब्ध और हैरान हैं, जो देश-विदेश के भक्तों से करोड़ों रुपए नगद और गहने इकट्ठा करते और उनका प्रबंधन करते थे. हालांकि जाने-माने मूर्तिकार ने मंदिर ट्रस्ट के अधिकारियों, खासकर इसके महासचिव चंपत राय का समर्थन किया और उन्हें 'सादगी और ईमानदारी का प्रतीक' बताया.

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चौंकाने वाली है ये चोरी: अरुण योगीराज

अरुण योगीराज ने कहा कि राम मंदिर में दान के गबन से जुड़ी घटनाओं को देखना उनके लिए बहुत दुखद है. उन्होंने कहा, "भगवान राम के एक भक्त के रूप में मुझे यह बहुत दुखद लगता है, क्योंकि दुनियाभर के भक्त अपनी मेहनत की कमाई आस्था, प्रेम और भक्ति के साथ मंदिर को दान करते हैं, यह मानते हुए कि वे रामलला के लिए चढ़ावा चढ़ा रहे हैं." उन्होंने कहा कि यह चोरी भगवान राम के करोड़ों भक्तों के लिए बेहद चौंकाने वाली है और इससे वे मंदिर के ट्रस्टियों पर अपनी आस्था के बारे में फिर से सोचने पर मजबूर हो सकते हैं.

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दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो: योगीराज 

उन्होंने मंदिर के पैसे की चोरी करने और मंदिर को बदनाम करने की साजिश रचने वाले सभी दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की, हालांकि उन्होंने मंदिर ट्रस्ट के सदस्यों, खासकर चंपत राय के बारे में अच्छी बातें कहीं. योगीराज ने कहा, 'मैं काफी समय से लगभग आठ से नौ महीनों से ट्रस्ट से जुड़ा हुआ हूं. मैं चंपत राय और ट्रस्ट के अन्य सदस्यों को जानता हूं. मेरे लिए वे सादगी, कड़ी मेहनत और समर्पण के प्रतीक हैं.'

उन्होंने कहा, "चंपत राय ने अपने कामकाज में पारदर्शिता और जवाबदेही का उच्चतम स्तर बनाए रखा और पिछले कुछ दिनों में जो कुछ हुआ है, उस पर विश्वास करना मुश्किल है." अरुण योगीराज और उनकी टीम ने अयोध्या में लगभग सात से आठ महीने बिताए और रामलला की मूर्ति को बनाने में अथक परिश्रम किया, जिसमें दिव्यता और बच्चों जैसी मासूमियत का बेहतरीन संतुलन दिखाई देता है.

चंपत राय को लेकर क्या बोले योगीराज 

उन्होंने कहा कि यह विश्वास करना मुश्किल है कि ट्रस्ट की देखरेख में मंदिर में ऐसी अनियमितताएं हुईं, फिर भी उन्होंने एसआईटी जांच शुरू करने में ट्रस्ट की सक्रिय भूमिका का उल्लेख किया. योगीराज ने कहा, "चंपत राय ही थे जिन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से संपर्क करके चढ़ावे की रकम में हुई गड़बड़ी की जांच शुरू करने को कहा था." उन्होंने यह बात नैतिक आधार पर अपने और दूसरे ट्रस्टियों के इस्तीफे की खबरों के संदर्भ में कही.

कुछ शरारती तत्वों ने मौके का फायदा उठाया: योगीराज

मूर्तिकार ने मंदिर ट्रस्ट के साथ अपने पुराने जुड़ाव को याद करते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा सदस्यों को ईमानदारी और सच्चाई से काम करते देखा है और वे सभी को भरोसे में लेकर ही कोई फैसला लेते थे. उन्होंने दान के गबन के दोषियों के खिलाफ जल्द और मिसाल कायम करने वाली कार्रवाई की उम्मीद जताते हुए कहा, "समय के साथ और मंदिर में आने वाले भक्तों की संख्या में भारी बढ़ोतरी के कारण, कुछ शरारती तत्वों ने इस मौके का फायदा उठाया. लेकिन मुझे पूरा भरोसा है कि मंदिर का पैसा चुराने की साजिश में शामिल सभी लोगों पर मामला दर्ज किया जाएगा और उन्हें जल्द ही सजा दिलाई जाएगी."

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