पश्चिम बंगाल में राज्यसभा की तीन सीटों के लिए निर्वाचन आयोग ने उपचुनाव का ऐलान कर दिया है. इन सीटों पर 24 जुलाई को वोटिंग होगी और उसी दिन नतीजे घोषित किए जाएंगे. हालांकि बंगाल की एक सीट पर पेच फंस सकता है, लेकिन तृणमूल कांग्रेस में टूट के बाद भी ममता बनर्जी की ताकत कम से कम इस चुनाव में तो दिखाई देगी. उनके बिना ऋतब्रता गुट इस चुनाव में टिक नहीं पाएंगे.     

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क्या है बंगाल में राज्यसभा चुनाव का गणित?

पश्चिम बंगाल में विधानसभा की 294 सीटें हैं. इस लिहाज से एक सीट पर जीत के लिए 74 विधायकों की जरूरत होगी. बीजेपी के पास 207 विधायक हैं. इस तरह अगर देखा जाए तो बीजेपी दो सीटों पर आराम से जीत हासिल कर लेगी, लेकिन तीसरी पर पेच फंस सकता है क्योंकि तीनों सीटें आराम से निकालने के लिए उसे 222 वोटों की जरूरत होगी. टीएमसी के पास 80 विधायक हैं, लेकिन वो दो गुटों में बंटी हुई है. अगर ममता बनर्जी और ऋतब्रता दोनों गुट के विधायक एकतरफा वोटिंग करते हैं तो बीजेपी के तीसरे उम्मीदवार के लिए मुश्किल हो सकती है.   

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ऋतब्रता बनर्जी को ताकत का एहसास कराएंगी ममता?

हालांकि ममता बनर्जी, ऋतब्रता से इतनी नाराज हैं कि उनके प्रत्याशी को किसी भी कीमत पर समर्थन नहीं करेंगी. इसलिए ये तो सवाल ही नहीं उठता कि वो अपने विरोधी गुट को समर्थन करने के बारे में बिलकुल भी सोचेंगी. ऋतब्रता का दावा कि उन्हें 60 विधायकों ने समर्थन किया है, इसी दावे को आधार बनाया जाए तो ममता बनर्जी के साथ 20 विधायक हैं और ये संख्या काफी है, जो ऋतब्रता के गुट को राज्यसभा में एंट्री दिला पाए.

क्या बीजेपी देगी ऋतब्रता गुट को समर्थन?

बीजेपी के पास दो उम्मीदवार को जिताने के बाद 50 से ज्यादा वोट और बचेंगे और ऋतब्रता के पास 60 वोट. ऐसे में ये भी देखना होगा कि क्या ऋतब्रता गुट को राज्यसभा में एंट्री दिलाने के लिए बीजेपी अपने वोट ट्रांसफर कराएगी. इतना ही नहीं, ये भी हो सकता है कि ममता बनर्जी या ऋतब्रता के गुट के विधायक भी बीजेपी उम्मीदवार के समर्थन में क्रॉस वोटिंग कर सकते हैं, जिसके बाद बीजेपी के तीसरे उम्मीदवार की जीत निश्चित हो जाएगी. 

किस पार्टी के पास कितनी सीटें?

पश्चिम बंगाल में हुए विधानसभा चुनावों में बीजेपी ने 207 सीटों पर जीत हासिल की थी, इसके अलावा तृणमूल कांग्रेस के पास 80, कांग्रेस के पास दो, हुमायूं कबीर की पार्टी की दो और सीपीआई-एआईएसएफ के पास एक-एक सीट है. अब देखना होगा, राज्यसभा के चुनाव में ममता बनर्जी किस तरह अपने विधायकों को बचाने और ऋतब्रता को संदेश देने में कामयाब होती हैं. 

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