नई दिल्ली: विपक्षी पार्टियां नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) को लेकर सत्तारूढ़ बीजेपी पर धार्मिक भेदभाव का आरोप लगा रही है. इस बीच रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि भारतीय मूल्यों में सभी धर्मों को बराबर माना जाता है और यही वजह है कि हमारा देश धर्मनिरपेक्ष है और यह पाकिस्तान की तरह धर्मशासित देश कभी नहीं बना.
राजनाथ सिंह के बयान पर एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवेसी ने ट्वीट कर कहा कि आपकी सरकार भारत को धर्मशासित देश बनाना चाहती है. उन्होंने CAA का भी जिक्र किया.
दिल्ली में एनसीसी के गणतंत्र दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित शिविर में रक्षा मंत्री ने कहा, ‘‘हम (भारत) कहते हैं कि हम धर्मों के बीच भेदभाव नहीं करेंगे. तो हम ऐसा क्यों करेंगे? हमारा पड़ोसी देश तो यह एलान कर चुका है कि उनका एक धर्म है. उन्होंने खुद को धर्मशासित देश घोषित किया है. हमने ऐसी घोषणा नहीं की है.’’
राजनाथ सिंह ने कहा, ‘‘यहां तक कि अमेरिका भी धर्मशासित देश है. भारत एक धर्मशासित देश नहीं है. क्यों? क्योंकि हमारे साधु-संतों ने न केवल हमारी सीमाओं के भीतर रहने वाले लोगों को अपने परिवार का हिस्सा माना बल्कि पूरी दुनिया में रहने वाले लोगों को उन्होंने एक परिवार बताया.’’
राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत ने कभी भी यह घोषणा नहीं की कि उसका धर्म हिंदू, सिख या बौद्ध होगा. उन्होंने कहा कि सभी धर्मों के लोग यहां रह सकते हैं. रक्षा मंत्री ने कहा, ‘‘उन्होंने ‘वसुधैव कुटुंबकम’ की उक्ति दी जिसका मतलब है कि पूरा विश्व एक परिवार है. पूरे विश्व में यह संदेश यहां से ही गया.’’
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