लखनऊ में बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर यूनिवर्सिटी (BBAU) में शनिवार को 11वां दीक्षांत समारोह आयोजित किया गया. कार्यक्रम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और यूपी के डिप्टी सीएम बृजेश पाठक शामिल हुए. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत आज सिर्फ आर्थिक रूप से मजबूत नहीं हो रहा, बल्कि अपनी सभ्यता, संस्कृति और क्षमता पर गर्व करने वाला देश भी बन रहा है. उन्होंने कहा कि 'मेक इन इंडिया' की सफलता के पीछे 'बिलीव इन इंडिया' की भावना है. आज देश के युवाओं को अपनी पहचान, संस्कृति और भारत के भविष्य पर भरोसा है.

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राजनाथ सिंह ने कहा कि दुनिया तेजी से बदल रही है और नए युवाओं के दम पर भारत को सुपरपावर बनने से कोई रोक नहीं सकता. उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि आज मिलने वाली डिग्री उनकी मंजिल नहीं है, बल्कि यह जीवन की नई मंजिलों तक पहुंचने का माध्यम है.

साइकिल और बैलगाड़ी से मंगल तक पहुंचा भारत

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रक्षा मंत्री ने भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम का जिक्र करते हुए कहा कि एक समय देश में रॉकेट को साइकिल और बैलगाड़ी से ले जाया जाता था, लेकिन आज भारत मंगल तक पहुंच चुका है. उन्होंने कहा कि भारत अब अंतरिक्ष में अपना प्राइवेट स्टेशन बनाने और ह्यूमन मिशन शुरू करने की दिशा में भी काम कर रहा है. उन्होंने कहा कि एक समय विदेशी अखबार भारत के अंतरिक्ष मिशनों का मजाक उड़ाते थे, लेकिन आज हालात बदल चुके हैं. भारत कुछ बोलता है तो दुनिया कान खोलकर सुनती है और अब हम नियम बनाने की स्थिति में हैं.

डॉ. अंबेडकर का उदाहरण देकर कही बड़ी बात

राजनाथ सिंह ने डॉ. भीमराव अंबेडकर के जीवन का उदाहरण देते हुए कहा कि स्कूल के दिनों में उन्हें नल से पानी पीने तक नहीं दिया जाता था. इसके बावजूद डॉ. अंबेडकर ने हिंसा का रास्ता नहीं चुना, बल्कि शिक्षा को अपना हथियार बनाया. उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि शिक्षा सिर्फ डिग्री हासिल करने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह समाज और देश को बदलने की ताकत भी देती है.

पद मिलने पर गर्मी नहीं- बृजेश पाठक

डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने कहा कि किसी को पद मिलने के बाद उसमें गर्मी नहीं, बल्कि जिम्मेदारी का अहसास होना चाहिए. उन्होंने लखनऊ में ब्रह्मोस मिसाइल के निर्माण का जिक्र करते हुए कहा कि मुस्कुराने की पहचान वाले लखनऊ में आज ब्रह्मोस मिसाइल बन रही है. बृजेश पाठक ने कहा कि लखनऊ में बन रही ब्रह्मोस मिसाइल की आवाज सुनकर दुश्मन देशों की धुकधुकी बढ़ने लगती है. दीक्षांत समारोह में उपाधि पाने वाले विद्यार्थियों को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी गईं.