जयपुर. भारत के राज्य राजस्थान की राजधानी. पिंकी सिटी के नाम से फेमस. इसी शहर में आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद से रिश्ता रखने के आरोप में एक महिला को अरेस्ट किया है. वह नेपाल के रास्ते पाकिस्तान जाने की फिराक में थी. साथ ही एक ऐसे व्यक्ति से शादी करने वाली थी, जिसपर आतंकी संगठन से जुड़े होने का शक है. यह जानकारी न्यूज एजेंसी पीटीआई ने जारी की है. 

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महिला की उम्र 38 साल है. उसकी पहचान बबीता धाकड़ उर्फ खदीजा के तौर पर हुई है. रविवार को राजस्थान एंटी टेरर स्क्वाड एटीएस ने उसे अरेस्ट किया. उसपर यूएपीए के तहत विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया गया है. 27 जून तक पुलिस उसे हिरासत में रखेगी. 

जांच करने वालों का कहना है कि उसके इलेक्ट्रिक डिवाइस की फोरेंसिक जांच से कई पाकिस्तानी नागरिकों से कनेक्शन का पता चला है. इनमें जैश के संगठन से जुड़े प्रमुख मसूद अजहर के करीबी रिश्तेदार यूसुफ अजहर और आतंकवादी कारी जरार से जुड़े नंबर शामिल हैं. 

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अधिकारियों ने बताया- कैसे बबीता से खदीजा बनी और आतंकी संगठन के संपर्क में आई ?

अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तारी से पहले बबीता मिलिट्री इंटेलिजेंस की निगरानी में थी. पहलगाम हमले के बाद उसकी तलाश शुरू हुई. शुरुआत में ऑनलाइन उसको तलाशा गया. बबीता की तरफ से पुलिस को दी जानकारी में बताया गया कि 2025 के पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तानी उग्रवादियों में उसकी दिलचस्पी बढ़ी. पुलिस को बबीता ने बताया कि सोशल मीडिया पर पाकिस्तानी आतंकवादियों को उसने खोजना शुरू किया. इसके अलावा पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के पेज देखना शुरू कर दिया था. वही फेसबुक मैसेंजर और व्हाट्सएप के जरिए पाकिस्तान में मौजूद कई लोगों से बातचीत कर रही थी. उसके मोबाइल से बैन किए आतंकी संगठन के सदस्यों के साथ चैट, वीडियो और कॉन्टेक्ट बरामद हुए हैं. उसने भारतीय मोबाइल नंबरों से जुड़े ओटीपी को एक जैश के ऑपरेटिव के साथ शेयर भी किया. इसका इस्तेमाल सोशल मीडिया और कम्युनिकेशन प्लेटफॉर्म पर किया जा सके. 

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जांचकर्ताओं का कहना है कि बबीता की जान पहचान अबू उबैदा नाम के व्यक्ति से हुई. इसने कथित तौर पर ऑनलाइन बातचीत शुरू की. अबू उबैदा से उसका इमोशनल कनेक्शन बन गया था. बबीता की शादी 2018 में हुई. शादी के कुछ समय बाद ही वह अलग हो गई. दर्ज एफआईआर में सामने आया कि अबू उबैदा ने कथित तौर पर शादी का प्रस्ताव रखा. उसे इस्लामी तौर तरीके अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया. अबू उबैदा शादी करना चाहता था. उसने उसे इस्लामी शिक्षाओं को सीखने और उनका पालन करने के लिए प्रोत्साहित किया. इसमें नमाज पढ़ना. कुरान पढ़ना शामिल था. उसे जैश ए मोहम्म के लिए काम करने के लिए पाकिस्तान बुलाया गया था. उसे पासपोर्ट बनवाने को कहा गया था.

एक आधिकारिक सूत्र ने दावा किया है कि बबीता और उबैदा के बीच घंटों चैटिंग, वीडियो कॉल पर बात हुई. बबीता, उबैदा और एक ऑनलाइन मौलवी के बीच बातचीत में पाकिस्तान जाने की संभावित रास्तों को लेकर चर्चा हुई. तीनों नेपाल, सऊदी  अरब और संयुक्त अरब अमीरात के रास्ते पाकिस्तान पहुंचने पर चर्चा कर चुके थे. उन्होंने क्रिप्टोकरेंसी के द्वारा फंड जुटाने के तरीकों पर भी चर्चा की. पुलिस ने बताया कि बबीता ने उन चर्चाओं के हिस्से के तौर पर क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े एप्लीकेशन भी डाउनलोड किए. उसने इस्लाम धर्म अपनाकर अपना नाम बबीता से खदीजा कर लिया. फिलहाल पूछताछ और जांच जारी है. 

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