Rajsathan Assembly Election: राजस्थान विधानसभा चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया खत्म होने में महज 6 दिन का समय बचा है, लेकिन अब तक भारतीय जनता पार्टी (BJP) और कांग्रेस दोनों ही पार्टियों ने 70 से ज्यादा सीटों पर उम्मीदवार घोषित नहीं किए हैं. हालांकि, बीजेपी ने उम्मीदवारों के चयन को लेकर दिल्ली में बैठक कर रही है.
यह बैठक राजस्थान बीजेपी प्रभारी और केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी के आवास पर चल रही है. बैठक में बचे हुए 76 उम्मीदवारों के नाम पर मंथन हो रहा है. सूत्रों के मुताबिक केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक में बची हुई सीटों पर फैसला हो जाएगा, जबकि एक-दो दिन में उम्मीदवारों की सूची सामने आ जाएगी. ऐसे में सवाल यह है कि आखिर बीजेपी की सूची आने में इतनी देरी क्यों हो रही है?
क्या है बीजेपी की रणनीति?सूची में देरी होने पर बीजेपी के पूर्व राष्ट्रीय महासचिव और सांसद डॉ. अनिल जैन का कहना है कि पार्टी में अंतिम समय तक टिकट की प्रक्रिया चलती रहती है और यह एक रणनीति के तहत किया जाता है.
उन्होंने कहा कि बीजेपी लगातार काम करते रहने में विश्वास करती है और इसके फायदे भी होते हैं. आज बैठक चल रही है और कल या अगले एक-दो दिन में बची हुई सूची जारी कर दी जाएगी. इसलिए पार्टी इसे देर नहीं मानती.
क्या है कारण?भारतीय जनता पार्टी के सांसद भले ही इस मामले में कुछ कह रहे हों, लेकिन राजस्थान में टिकटों की घोषणा में हो रही देरी के पीछे स्थानीय स्तर पर नेताओं के अंदर गुटबाजी को अहम माना जा रहा है. जानकार मानते हैं कि राजस्थान की लोकल लीडरशिप अपने-अपने लोगों को चुनावी राजनीति में फिट करने के चक्कर में आम सहमति नहीं बन पा रहे हैं.
पिछले 10 दिनों मे कई दौर की बैठक के बाद भी बची हुई 76 सीटों पर अब तक आम सहमति नहीं बन पा रही है और यही सबसे बड़ी देरी का कारण माना जा रहा है.
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