लंदन: कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने लंदन में प्रधानमंत्री पद की उम्मीदवारी को लेकर बड़ा बयान दिया है. राहुल गांधी ने कहा कि वो किसी खास पद के बारे में नहीं सोच रहे बल्कि वो भारत बचाने के बारे में सोच रहे हैं. राहुल गांधी ने साफ किया कि वो प्रधानमंत्री पद की रेस में नहीं हैं. बीजेपी ने राहुल गांधी के बयान को आधार बनाकर विपक्षी महागठबंधन पर हमला बोला है. बीजेपी नेता जगदंबिका पाल ने कहा कि विपक्ष के खिलाफ पीएम मोदी के खिलाफ कोई चेहरा ही नहीं है. वहीं कांग्रेस नेता आलोक शर्मा ने कहा कि हमने हमेशा चुनाव के बाद चेहरा दिया है, चाहे 2004 हो या 2009.
पीएम पद उम्मीदवारी पर राहुल गांधी ने क्या कहा? 2019 में प्रधानमंत्री पद की उम्मीदवारी को लेकर राहुल गांधी ने कहा कि मेरी लड़ाई विचारधारा से है, मैं अभी इस बारे में नहीं सोच रहा हूं. उन्होंने कहा कि फिलहाल मैं इस बारे में नहीं सोच रहा, मैं खुद को एक वैचारिक लड़ाई लड़ने वाले के तौर पर देखता हूं. मुझमें यह बदलाव 2014 के बाद आया. मुझे लगा कि भारत में जैसी घटनाएं हो रही हैं, उससे भारत और भारतीयता को खतरा है. बता दें कि इससे पहले राहुल गांधी ने कर्नाटक चुनाव के दौरान एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि कांग्रेस को बहुमत मिला तो मैं प्रधानमंत्री बनूंगा.
पीएम पद की वैकेंसी नहीं: रामविलास पासवान इससे पहले लोकजनशक्ति पार्टी नेता और केंद्रीय मंत्री राम विलास पासवान ने राहुल और कांग्रेस पर सीधा हमला करते हुए कहा था कि 2019 के लिए कोई वैकेंसी नहीं है. राम विलास पासवान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने 2019 में किसी भी तरह की चुनौती नहीं है. एनडीए की सरकार 2019 में बरकरार रहेगी, अगर सोचना है तो 2024 के लिए अभी से सोचना शुरू कर दें.
डोकलाम पर सीधे पीएम मोदी पर साधा निशाना इंडियन जर्नलिस्ट एसोसिएशन के कार्यक्रम में डोकलाम पर सीधे पीएम मोदी को निशाने पर लेते हुए राहुल गांधी ने कहा, ''कोई आता है, आपके चेहरे पर तमाचा लगाता है और आप नॉन अजेंडा बातचीत करते हैं. डोकलाम पर मेरी बात विदेश सचिव और रक्षा सचिव से हुई थी लेकिन समिति के अंदर बात की जानकारी यहां नहीं दी दा सकती. सरकार भले ही कह रही हो कि चीन ने वहां से सैनिक हटा लिए हैं लेकिन हकीकत इससे उलट है."
बीजेपी और आरएसएस के हमलों ने मुझे आगे बढ़ाया राहुल गांधी ने कहा कि मेरी लड़ाई आरएसएस की विचारधारा से है. उन्होंने कहा कि मेरी राजनीतक विचारधारा, भारत में बहुत पुराना विचार है और यह हजारों सालों से आरएसएस के विचार से लड़ रहा है. बीजेपी और आसएसएस के हमलों ने हमेशा मुझे आगे बढ़ाया है.