'या तो जनरल नरवणे सच कह रहे हैं या फिर...', किताब विवाद पर राहुल गांधी का बड़ा बयान
Rahul Gandhi on MM Naravane Book: राहुल गांधी ने जनरल नरवणे के साल 2023 के एक ट्वीट का हवाला दिया, जिसमें उन्होंने अपनी किताब Four Stars of Destiny को प्रमोट किया था.

पूर्व सेना प्रमुख जनरल (रिटायर्ड) एमएम नरवणे की अब तक अप्रकाशित किताब को लेकर चल रहे विवाद पर कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने बड़ा बयान दिया है. मंगलवार को संसद के बाहर मीडिया से बात करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि इस मामले में या तो जनरल नरवणे झूठ बोल रहे हैं या फिर प्रकाशक पेंगुइन. उन्होंने साफ कहा कि वह पूर्व आर्मी चीफ की बात पर ज्यादा भरोसा करते हैं.
नरवणे के ट्वीट का जिक्र
राहुल गांधी ने जनरल नरवणे के साल 2023 के एक ट्वीट का हवाला दिया, जिसमें उन्होंने अपनी किताब Four Stars of Destiny को प्रमोट किया था. उस ट्वीट में नरवणे ने लिखा था कि किताब खरीदने के लिए लिंक को फॉलो करें और यह अमेजन पर उपलब्ध है.
राहुल गांधी बोले - मैं नरवणे जी पर भरोसा करता हूं
राहुल गांधी ने कहा, “या तो श्री नरवणे झूठ बोल रहे हैं या फिर पेंगुइन झूठ बोल रहा है. मुझे नहीं लगता कि देश के पूर्व आर्मी चीफ झूठ बोलेंगे. पेंगुइन कह रहा है कि किताब प्रकाशित नहीं हुई, लेकिन किताब अमेजन पर दिख रही है. मैं तो नरवणे जी की बात पर भरोसा करूंगा.' उन्होंने आगे कहा कि नरवणे की किताब में कुछ ऐसे बयान हैं, जो भारत सरकार और प्रधानमंत्री के लिए असहज हैं. यही वजह है कि इस पर सवाल खड़े हो रहे हैं.
पेंगुइन ने किया इनकार
प्रकाशक पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया ने बयान जारी कर साफ कहा है कि उसने जनरल नरवणे की किताब किसी भी रूप में प्रकाशित नहीं की है. पेंगुइन ने कहा कि न तो किताब छपी है और न ही डिजिटल रूप में जारी की गई है. प्रकाशक ने चेतावनी दी कि अगर कोई भी व्यक्ति या प्लेटफॉर्म इस किताब की कॉपी फैला रहा है, तो वह कॉपीराइट कानून का उल्लंघन है.
कानूनी कार्रवाई की चेतावनी
पेंगुइन ने कहा है कि वह किताब की अवैध और बिना अनुमति वाली कॉपी फैलाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेगा. यह बयान अपनी स्थिति साफ करने के लिए जारी किया गया है.
दिल्ली पुलिस ने दर्ज किया केस
इस बीच दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर किताब की कथित अवैध कॉपी फैलने के मामले में केस दर्ज कर लिया है. जांच एजेंसियों के मुताबिक, कुछ वेबसाइट्स पर किताब की पीडीएफ देखी गई, जो पब्लिशर द्वारा तैयार की गई लग रही है. कुछ ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर किताब का कवर भी दिखाया गया, जैसे वह बिक्री के लिए उपलब्ध हो.
संसद में शुरू हुआ विवाद
यह विवाद पिछले हफ्ते संसद के बजट के बाद चल रहे सत्र के दौरान शुरू हुआ था, जब राहुल गांधी ने जनरल नरवणे की अप्रकाशित किताब पर आधारित एक मैगजीन लेख का हवाला दिया था. राहुल गांधी ने भले ही पांच मिनट से कम समय तक बोला हो, लेकिन इस पर संसद में जोरदार हंगामा हुआ.
Source: IOCL
























