नई दिल्ली: कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने अंग्रेजी अखबार नेशनल हेरल्ड को दिए एक इंटरव्यू में प्रधानमंत्री मोदी पर हमला बोला है. राहुल गांधी से जब पूछा गया कि उनकी नजर में देश के सामने सबसे बड़ी चुनौती क्या है तो उनका कहना था कि सबसे बड़ी चुनौती यही है कि नौकरियों की कमी है. पीएम मोदी ने दो करोड़ नौकरियां हर साल देने का वायदा किया था, लेकिन पीएम ने देश को पिछले पांच सालों की सबसे ज्यादा बेरोजगारी दी है. हर साल दो लाख नौकरियां जनता की उम्मीदों की भरपाई नहीं हो सकती. उधर चीन पिछले पांच सालों में हर साल एक करोड़ बीस लाख नये लोगों को रोजगार दे रहा है. इस पर राहुल से पूछा गया कि क्या नौकरीविहीन विकास से सामाजिक असंतोष बढ़ रहा है. इस पर राहुल गांधी का कहना था कि असंतोष खतरे की घंटी है क्योंकि गांवों से बड़ी तादाद में लोग शहरों की तरफ पलायन कर रहे हैं. लेकिन शहर में उनके पास नौकरी नहीं है, शिक्षा नहीं है और स्वास्थय सेवाओं की कमी है.
राहुल गांधी इस बदहाली को पीएम मोदी, संघ और बीजेपी की उस विचारधारा से जोड़ते हैं जो उनके अनुसार इस बेचैनी और असुरक्षा का लाभ लोगों में गुस्सा और नफरत उपजाने के लिए करती है. राहुल की नजर में इसका इस्तेमाल मुस्लिमों, दलितों और समाज के दबेकुचले वर्ग के खिलाफ नफरत का माहौल बनाने में होता है. एक दूसरे को एक दूसरे से लड़ाने में होता है. लेकिन गुस्से और नफरत से रोजगार पैदा नहीं किया जा सकता. राहुल गांधी ने पीएम मोदी पर आरोप लगाया कि वह इस नफरत को रोकने के बजाए उसे उकसाने का काम करते हैं.
राहुल गांधी ने पीएम मोदी पर तंज कसते हुए कहा कि वह लोगों को भारत के इतिहास के रुप में तो बताते हैं लेकिन उनके पास भारत के भविष्य के लिए न तो कोई योजना है और न ही कोई खाका. मोदी कहते हैं कि भारत पांच हजार साल पहले कितना बड़ा देश हुआ करता था, प्लास्टिक सर्जरी होती थी और तब उड़न खटौले उड़ा करते थे. लेकिन देश का निर्माण सुनहरे इतिहास को याद करके नहीं किया जा सकता.
कांग्रेस उपाध्यक्ष से जब कांग्रेस के विजन पर पूछा गया तो उनका कहना था कि लोकतंत्र में जनता की आवाज सुनकर उसके अनुसार काम करके ही प्रगति हासिल की जा सकती है और कांग्रेस यही काम करती रही है. राहुल का दावा है कि कांग्रेस वक्त की जरुरतों के अनुसार खुद को ढालती रही है और जनता के हित में फैसले करती रही है. चाहे बैंकों के राष्ट्रीयकरण का फैसला हो या फिर आर्थिक सुधार लाने का. राहुल की नजर में मोदी सरकार जनता की सुन नहीं रही है. जनता भविष्य को लेकर इतने आशंकित है कि उनका सब्र टूट रहा है. इसकी वजह वायदों का पूरा नहीं होना है और खोखले वायदे करना है.
राहुल की नजर में कांग्रेसी वह है जो नफरत नहीं फैलाता और जो देश से प्यार करता है.