पंजाब के अमृतसर में शुक्रवार (7 अगस्त, 2026) को पुलिस महकमे के भीतर बड़ा बदलाव किया गया. पंजाब की आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार ने अमृतसर पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर को उनके पद से हटा दिया और उनकी जगह हरमनबीर सिंह गिल को नया पुलिस कमिश्नर नियुक्त किया है.
हरमनबीर सिंह गिल ने हाल ही में अमृतसर के बॉर्डर रेंज के उप महानिरीक्षक (DIG) के तौर पर कार्यभार संभाला था, जिन्हें अब अमृतसर के पुलिस कमिश्नर का अतिरिक्त चार्ज भी दे दिया गया है. वहीं, दूसरी तरफ पुलिस कमिश्नर पद से हटाए जाने के बाद गुरप्रीत सिंह भुल्लर को फिलहाल कोई नई पोस्टिंग नहीं दी गई है और उन्हें अगले आदेश आने तक राज्य के डीजीपी ऑफिस में रिपोर्ट करने का निर्देश दिया गया है.
हालांकि, पंजाब पुलिस में अचानक हुए इस फेरबदल के पीछे के कारण स्पष्ट नहीं हैं, लेकिन इस कार्रवाई को पूर्व अमृतसर पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर के उन दावों से जोड़ा जा रहा है, जो उन्होंने देश की राजधानी दिल्ली में हाल ही में खत्म हुए छात्र आंदोलन को लेकर दिए थे.
गुरप्रीत सिंह भुल्लर के तबादले की टाइमिंग पर BJP ने उठाया सवाल
वहीं, पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता रवनीत सिंह बिट्टू ने भी पंजाब सरकार की इस कार्रवाई की आलोचना की है. उन्होंने अमृतसर पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर के तबादले को हाल ही में अमृतसर पुलिस की तरफ से पकड़े गए आतंकवादी गिरोह से जोड़ा है. उन्होंने कहा कि पुलिस ने एक आतंकवादी गिरोह पकड़ा है, जिसके सदस्य पेट्रोल बॉम्ब बनाते और फेंकते हैं. अमृतसर पुलिस ने कहा था कि इस गिरोह की दिल्ली में जंतर मंतर पर छात्रों के धरने में भी पेट्रोल बॉम्ब से हमला करने की योजना थी.
उन्होंने एक X पोस्ट में कहा, ‘गुरप्रीत भुल्लर के ट्रांसफर की टाइमिंग पर सवाल उठना स्वाभाविक है. क्या जंतर मंतर पर कथित साजिश का उन्होंने जो खुलासा किया था, उससे अरविंद केजरीवाल परेशान हो गए थे?’
जंतर मंतर को लेकर पूर्व पुलिस कमिश्नर ने क्या दिया था बयान?
अमृतसर के पूर्व पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने बुधवार (5 अगस्त, 2026) को न्यूज एजेंसी IANS से बातचीत में कहा था, ‘अमृतसर पुलिस कमिश्नरेट पुलिस ने पंजाब के मुख्यमंत्री के आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत कार्रवाई करते हुए पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई (ISI) के समर्थन वाले दो आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ कर उन्हें पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया. इस मामले में कुल नौ लोगों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें चार नाबालिग और पांच वयस्क शामिल थे और पेट्रोल बॉम्ब मॉड्यूल में ज्यादातर नाबालिग बच्चे शामिल थे.’
दिल्ली में आतंकियों को मिला था लोकल लॉजिस्टिक सपोर्ट- भुल्लर
पूर्व पुलिस कमिश्नर ने कहा था, ‘इस ग्रुप के आठ मेंबर्स दिल्ली में जंतर मंतर पर चल रहे प्रदर्शन वाली जगह पर भी गए थे, जहां उन्हें कथित रूप से लोकल लॉजिस्टिक सपोर्ट मिला, जिसमें पेट्रोल बम बनाने के लिए जरूरी सामान भी शामिल थे.’
उन्होंने कहा था कि पुलिस का मानना है कि यह मदद पाकिस्तान की आईएसआई के एक हैंडलर के हुक्म पर मुहैया कराई गई थी. हालांकि, यह ग्रुप किसी भी प्लांड हमले को अंजाम देने में सफल नहीं हो पाया और खुफिया जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने उनके वापस लौटते ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया.’
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