नई दिल्ली: हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह, उनकी पत्नी और अन्य के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति मामले में 22 अक्तूबर से सुनवाई शुरू होगी. दिल्ली की एक कोर्ट ने बुधवार को यह जानकारी दी. विशेष जज अरुण भारद्वाज ने सीबीआई के यह कहने के बाद निर्देश दिए कि उसने आरोप-पत्र के साथ दाखिल किए गए सभी दस्तावेज आरोपियों को मुहैया करा दिए हैं.
आरोप-पत्र के मुताबिक, सिंह ने केंद्रीय मंत्री के अपने कार्यकाल के दौरान करीब 10 करोड़ रुपये की संपत्ति जमा की जो उनकी कुल आय से 192 प्रतिशत ज्यादा थी. भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 109 (अपराध के लिए उकासना), धारा 465 (फर्जीवाड़े के लिए दंड) और भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत दंडनीय अपराधों के लिए नौ लोगों के खिलाफ दायर अंतिम रिपोर्ट में 225 प्रत्यक्षदर्शियों और 442 दस्तावेजों को शामिल किया गया है.
कांग्रेस के 82 वर्षीय नेता और उनकी पत्नी प्रतिभा सिंह के अलावा रिपोर्ट में एलआईसी एजेंट आनंद चौहान, चुन्नी लाल चौहान, जोगिंदर सिंह घाल्टा, प्रेम राज, वकामुल्ला चंद्रशेखर, लावन कुमार रोच और राम प्रकाश भाटिया को आरोपियों के तौर पर नामजद किया गया है.
इस मामले को सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाई कोर्ट को ट्रांसफर कर दिया था. हाई कोर्ट ने छह अप्रैल 2016 को सीबीआई से सिंह को गिरफ्तार नहीं करने को कहा और सिंह को जांच में सहयोग करने का निर्देश दिया था.
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