प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगले दो दिन गुजरात के दौरे पर रहेंगे. वह 30-31 अक्टूबर तक कई कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे. इन दो दिनों में प्रधानमंत्री बनासकांठा में 14 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे और उद्घाटन करेंगे. इन सौगातों को देश को समर्पित करेंगे.
इसके अलावा प्रधानमंत्री पीएम किसान योजना की 24वीं किस्त जारी करेंगे. यह लगभग 1900 करोड़ रुपये की होगी. प्रधानमंत्री एकता नगर में 400 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे और उनकी आधारशिला रखेंगे.
अहमदाबाद मेट्रो से जुड़ी देंगे सौगातपीआईबी के मुताबिक, प्रधानमंत्री बनासकांठा में 'भारत बोवाइन ब्रीडिंग एंड रिसर्च सेंटर' (Bharat Bovine Breeding and Research Centre) को राष्ट्र को समर्पित करेंगे. अहमदाबाद मेट्रो के फेज-2A (एयरपोर्ट एक्सटेंशन) और चरण-2B (गिफ्ट सिटी एक्सटेंशन) की आधारशिला रखेंगे.
पीएम मोदी के दो दिवसीय कार्यक्रम
30 अक्टूबर को सुबह लगभग 9.30 बजे पीएम बनासखांठा में एम्ब्रियो ट्रांसफर टेक्नोलॉजी इन विट्रो फर्टिलाइजेशन लैब और भारत बोवाइन ब्रीडिंग एंड रिसर्च सेंटर पशु फार्म का दौरा करेंगे. सुबह लगभग साढ़े दस बजे, वह बनासकांठा में 14 करोड़ रुपये से अधिक विभिन्न विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे. उनका उद्घाटन करेंगे. उन्हें राष्ट्र को समर्पित करेंगे.
इसके बाद वह एकता नगर जाएंगे. जहां भारत पर्व 2026 का उद्घाटन करेंगे. शाम 7.45 बजे एकता प्रकाश पर्व में जाएंगे. इसके बाद 8.15 पर नर्मदा आरती में शामिल होंगे. 31 अक्टूबर को सुबह लगभग 9 बजे पीएम स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पर पुष्पांजलि अर्पित करेंगे. सुबह 9.15 बजे एकता नगर में विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे. इसके बाद रेन फॉरेस्ट वामन वृक्ष वाटिका का दौरा करेंगे. शाम लगभग 5.30 बजे पीएम मोदी सरदार बल्लभ भाई पटेल की 151वीं जयंती पर शामिल होंगे.
परेड में वामपंथी उग्रवाद से निपटने पर विशेष जोर
इस साल की परेड में वामपंथी उग्रवाद से निपटने में सुरक्षा बलों की उपलब्धियों पर विशेष जोर दिया जाएगा. 'राष्ट्रीय एकता दिवस' समारोह की मुख्य थीम 'वंदे मातरम' होगी.
इस समारोह का मुख्य आकर्षण नक्सल मुक्त भारत पर आधारित एक विशेष नाट्य प्रस्तुति होगी. इसे नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा की तरफ से आयोजित किया जाएगा. इसमें वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित 126 जिलों के लगभग 2 हजार कलाकार हिस्सा लेंगे. प्रस्तुतियों के माध्यम से कलाकर इन क्षेत्रों के समुदायों के सामने आने वाली चुनौतियों और शांति, सुरक्षा और विकास की ओर उनकी यात्रा को दर्शाएंगे. झांकियां और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां वंदे मातरम पर केंद्रित होंगी. यह देशभक्ति, राष्ट्रीय गौरव और सामूहिक अपनत्व की भावना को प्रदर्शित करेंगे.
इन झांकियों में लोगों की आकांक्षाओं, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की सांस्कृतिक समृद्धि और लोगों की विकास यात्राओं को भी दिखाया जाएगा. पूरे भारत से 5 हजार कलाकारों की तरफ से भव्य जश्न मनाया जाएगा.
