नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज महाशिवरात्रि के मौके पर शिव की भव्य मूर्ति का उद्धाटन करेंगे. पीएम आज कोयंबटूर के ईशा योग केंद्र में योग के संस्थापक आदियोगी या 'शिव' की प्रतिमा का अनावरण करेंगे.

इसकी खास बात है कि ये 112 फुट उंची आवक्ष प्रतिमा है. आदियोगी को श्रद्धांजलि के रूप में प्रधानमंत्री अग्नि को प्रज्वलित करके दुनिया भर में महायोग यज्ञ की शुरुआत करेंगे.

इसका मकसद है कि आने वाले साल में 10 लाख लोग योग के एक सरल तरीके को कम से कम 100 लोगों को सिखाएं और अगली महाशिवरात्रि तक कम से कम 10 करोड़ लोगों तक इसे पहुंचाएं.

‘अतुल्य भारत’अभियान में डेस्टिनेशन गौरतलब है कि भारत सरकार की टूरिज्म मिनिस्ट्री ने अपने ‘अतुल्य भारत’अभियान में इस भव्य चेहरे की प्राण-प्रतिष्ठा को एक डेस्टिनेशन के तौर पर शामिल किया है. प्रतिमा उन 112 मार्गों को दर्शाती है, जिनसे इंसान योग विज्ञान के जरिए अपनी परम प्रकृति को हासिल कर सकता है.

कार्यक्रम का विरोध भी हो रहा है इस भव्य चेहरे को ईशा फाउंडेशन के फाउंडर सद्गुरु जग्गी वासुदेव ने डिजाइन किया है. मानवाधिकार संगठनों, विभिन्न राजनीतिक पार्टियों, किसानों और जनजातीय संस्थाओं की ओर से विरोध प्रदर्शन की योजनाओं के मद्देनजर कड़ी सुरक्षा के इंतजाम किए गए हैं. इन संस्थाओं का आरोप है कि आदियोगी की आवक्ष प्रतिमा अतिक्रमित जमीन पर स्थापित की गई है और मोदी की यात्रा से इस जमीन का नियमितीकरण हो जाएगा.

क्या है तैयारी? महोत्सव शाम 6 बजे शुरू होकर अगली सुबह 6 बजे तक चलेगा. कार्यक्रम को 23 सैटेलाइट टेलीविजन चैनलों और अनेकों ऑनलाइन प्लेशटफॉर्म्स पर 5 करोड़ से अधिक लोगों के लिए 7 भाषाओं में एक साथ टेलिकास्ट किया जाएगा.