प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार (14 अप्रैल 2026) को अपने 28वें दौरे पर उत्तराखंड पहुंच रहे हैं. यह दौरा राज्य के लिए कई मायनों में अहम माना जा रहा है. पुष्कर सिंह धामी के साढ़े चार साल के कार्यकाल में यह उनका 18वां दौरा होगा. प्रधानमंत्री इस दौरान दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे (Delhi Dehradun Expressway Inauguration) और टिहरी में 1000 मेगावाट क्षमता वाले देश के पहले वेरिएबल स्पीड पंप स्टोरेज संयंत्र का लोकार्पण करेंगे. इस कार्यक्रम को लेकर पूरे प्रदेश में उत्साह का माहौल है और राज्य सरकार इसे भव्य बनाने की तैयारियों में जुटी है.

Continues below advertisement

प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेंद्र मोदी का उत्तराखंड से गहरा जुड़ाव लगातार देखने को मिला है. उनका पहला दौरा 11 सितंबर 2015 को ऋषिकेश में हुआ था, जहां उन्होंने दयानंद सरस्वती आश्रम में अपने गुरु से मुलाकात की थी. इसके बाद से ही उत्तराखंड के धार्मिक स्थलों के प्रति उनकी विशेष आस्था स्पष्ट होती रही है.

पीएम मोदी कितनी बार कर चुके हैं केदारनाथ की यात्रा

Continues below advertisement

केदारनाथ धाम के प्रति उनकी श्रद्धा जगजाहिर है. प्रधानमंत्री बनने के बाद वे पांच बार केदारनाथ की यात्रा कर चुके हैं. इसके अलावा बदरीनाथ धाम और मुखबा जैसे धार्मिक स्थलों का भी दौरा कर चुके हैं. उनके इन दौरों का असर राज्य के पर्यटन और तीर्थाटन पर साफ तौर पर देखा गया है. केदारनाथ आपदा के बाद जब यात्रा प्रभावित हुई थी, तब नरेंद्र मोदी ने स्वयं केदारनाथ पहुंचकर देश-दुनिया को सुरक्षित चारधाम यात्रा का संदेश दिया. इसके बाद से यहां श्रद्धालुओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई. इसी तरह आदि कैलाश के दौरे के बाद इस क्षेत्र में भी पर्यटकों और श्रद्धालुओं की संख्या तेजी से बढ़ी है.

पीएम मोदी का मुखबा दौरा

बीते वर्ष उन्होंने मुखबा का दौरा कर शीतकालीन यात्रा को बढ़ावा दिया, जिससे राज्य में बारहमासी पर्यटन को नई दिशा मिली. इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिली है और पर्यटन सीजन पूरे साल सक्रिय रहने लगा है. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का कहना है कि नरेंद्र मोदी का उत्तराखंड से भावनात्मक और कार्यात्मक दोनों तरह का संबंध रहा है. उनके अनुसार प्रधानमंत्री के नेतृत्व में राज्य को कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं की सौगात मिली है. दो लाख करोड़ रुपये से अधिक की विकास योजनाएं धरातल पर उतर चुकी हैं, जिससे राज्य की तस्वीर तेजी से बदल रही है.

चारधाम ऑलवेदर रोड परियोजना

कनेक्टिविटी के क्षेत्र में भी बड़ा बदलाव देखने को मिला है. चारधाम ऑलवेदर रोड परियोजना, ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना, केदारनाथ और हेमकुंट साहिब रोपवे परियोजना तथा देहरादून-दिल्ली एलिवेटेड रोड जैसी योजनाओं को स्वीकृति मिलने से आवागमन सुगम हुआ है. इसके अलावा प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत दूरस्थ गांवों तक सड़कों का जाल बिछाया गया है. रेल और हवाई सेवाओं का विस्तार भी तेजी से हुआ है, जिससे राज्य में पर्यटन और व्यापार दोनों को लाभ मिला है. रोपवे परियोजनाओं पर भी तेजी से काम चल रहा है, जिससे कठिन भौगोलिक क्षेत्रों तक पहुंच आसान हो रही है. प्रधानमंत्री के इस दौरे को लेकर प्रदेशवासियों में खासा उत्साह है. माना जा रहा है कि इस दौरे से उत्तराखंड में विकास की गति को और मजबूती मिलेगी और राज्य को नई परियोजनाओं की सौगात भी मिल सकती है.

ये भी पढ़ें: ‘संशोधन के लिए यही समय, नहीं तो...’, कांग्रेस अध्यक्ष ने PM मोदी को क्यों लिखा था खत, समझें पूरी बात