PM Modi on Sandeshkhali: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को पश्चिम बंगाल के बारासात में 'नारी शक्ति वंदन कार्यक्रम' के दौरान लोगों को संबोधित करते हुए संदेशखाली मामले को लेकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सरकार पर जोरदार प्रहार किया. वहीं, उन्होंने राष्ट्रीय जनता दल सुप्रीमो लालू यादव के उनके परिवार पर दिए विवादित बयान को लेकर फिर से उनको निशाने पर लिया. रैली में पीएम मोदी ने बताया कि आखिर वह पूरे देश को अपना परिवार क्यों मानते हैं. उन्होंने एक पुरानी घटना का जिक्र किया.
पीएम मोदी ने बताया, 'जीवन का एक पहलू जिसके विषय पर मैं आमतौर पर नहीं बोलता हूं, लेकिन आज जब माताएं-बहनें बैठी हैं, तो मेरा बोलने का मन कर रहा है. कुछ लोगों को लगता होगा, किसी राजनेता ने मुझे गाली दी, इसलिए मैं इन सबको मेरा परिवार कह रहा हूं. लेकिन, मैं सच्चाई बताना चाहता हूं कि मैं बहुत छोटी आयु में एक झोला लेकर घर छोड़कर चला गया था. देश के कोने-कोने में भटक रहा था.'
'मैं एक भी दिन भूखा नहीं सोया, इसलिए ये देश मेरा परिवार'
'मेरी जेब में कभी एक पैसा नहीं रहता था. लेकिन, देशवासियों को जानकर गर्व होगा. मेरा देश कैसा है, मेरे देश की माताएं-बहनें कैसी हैं, मेरे देश का हर परिवार कैसा है, जेब में एक पैसा नहीं होता था, न भाषा जानता था. कंधे पर एक झोला लटका हुआ था और मैं देखता था कोई न कोई परिवार, माताएं-बहनें पता नहीं क्या कारण है कि मुझसे पूछ लेते थे कि भाई-बेटे कुछ खाना खाया कि नहीं और आज मैं देशवासियों को बता रहा हूं. मैं एक भी दिन भूखा नहीं रहा और इसीलिए मैं कहता हूं कि 140 करोड़ देशवासी ही मेरा परिवार हैं'
'संदेशखाली की महिलाओं के दर्द से टीएमसी को नहीं मतलब'
पीएम मोदी ने संदेशखाली विवाद को लेकर बंगाल सरकार पर गरजते हुए कहा कि इसी धरती पर टीएमसी के राज में नारी शक्ति पर अत्याचार का घोर पाप हुआ है. संदेशखाली में जो कुछ भी हुआ, उससे किसी का भी सिर शर्म से झुक जाएगा. लेकिन, यहां की टीएमसी सरकार को आपके दुख से कोई फर्क नहीं पड़ता. टीएमसी सरकार बंगाल की महिलाओं के साथ अत्याचार करने वाले गुनाहगारों को बचाने के लिए पूरी शक्ति लगा रही है.
'टीएमसी को बहन-बेटियों पर नहीं अत्याचारी नेताओं पर भरोसा'
पश्चिम बंगाल के बारासात में पीएम मोदी ने कहा, ''पहले हाई कोर्ट और फिर सुप्रीम कोर्ट से भी राज्य सरकार को झटका लगा है. गरीब, दलित, वंचित, आदिवासी परिवारों की बहन-बेटियों के साथ टीएमसी के नेता जगह-जगह अत्याचार कर रहे हैं. लेकिन, टीएमसी सरकार को अपने अत्याचारी नेता पर भरोसा है, बांग्ला बहन-बेटियों पर भरोसा नहीं है. इस व्यवहार से बंगाल की महिलाएं, देश की महिलाएं आक्रोश में हैं. नारी शक्ति के आक्रोश का ये ज्वार संदेशखाली तक ही सीमित नहीं रहने वाला. मैं देख रहा हूं टीएमसी के माफिया राज को ध्वस्त करने के लिए बंगाल की नारी शक्ति निकल चुकी हैं."
