नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बीजेपी के नवनियुक्त पदाधिकारियों से मिलने के लिए शनिवार को पार्टी मुख्यालय पहुंचे. जहां उन्होंने बैठक की. इस दौरान उनके आगमन पर पार्टी के सीनियर नेताओं और वर्कर्स की तरफ से स्वागत किया गया. राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने फूल का गुलदस्ता देकर स्वागत किया. 

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इस दौरान पीएम मोदी ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, संगठनात्मक बैठकें नए विचारों और नजरिए पर केंद्रित होती हैं. इनका मकसद पार्टी को मजबूत करना और लोगों के साथ जुड़ाव को गहरा करना होता है. पार्टी के साथियों और नई संगठनात्मक टीम के साथ बहुत अच्छी बातचीत हुई है. 

पीएम मोदी ने पार्टी के इन नए पदाधिकारियों के साथ एक तस्वीर भी साझा की है.  

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यह बैठक ऐसे वक्त हुई, जब पार्टी जेनजी आउटरीच प्रोग्राम के जरिए युवाओं के साथ अपना जुड़ाव बढ़ाने की तैयारी में जुटी है. इससे एक दिन पहले नवीन ने नई बनी राष्ट्रीय टीम की पहली परिचय बैठक की अध्यक्षता की थी. इस बैठक के साथ बीजेपी के पदाधिकारियों की नई पारी की औपचारिक शुरुआत हुई है. 

पार्टी की समीक्षा बैठक करेंगे बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन

खबर है कि रविवार को बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन संगठन की समीक्षा को लेकर बैठक करेंगे. यहां बैठक में सभी प्रदेशों के अध्यक्ष, संगठन महामंत्री और प्रभारी शामिल होंगे. सुबह 10 बजे से बीजेपी मुख्यालय में विस्तार से बैठक होगी. बैठक में चुनावी राज्यों यूपी, उत्तराखंड, पंजाब समेत अन्य राज्यों में चुनाव को लेकर की जा रही तैयारियों की भी समीक्षा की जाएगी. इसके अलावा पार्टी की तरफ से चलाए जा रहे कार्यक्रमों समेत संगठन के अन्य मुद्दों पर भी मंथन होगा. 

पार्टी के राष्ट्रीय पदाधिकारी की बैठक में नितिन नवीन ने दिए कई निर्देश

इससे पहले बीजेपी राष्ट्रीय पदाधिकारी बैठक में कई मुद्दों पर चर्चा की गई है. इस बैठक में नए पदाधिकारियों के साथ पुराने पदाधिकारियों को भी बैठक में बुलाया गया था. पार्टी अध्यक्ष  नितिन नवीन ने सभी पदाधिकारियों से युवाओं के साथ ज्यादा से ज्यादा संवाद और जुड़ाव बढ़ाने पर जोर देने को कहा है. 

इसके अलावा नेशन फर्स्ट की भावना से काम करने का मंत्र बैठक में दिया गया है. साथ ही विचारधारा से जुड़े रहते हुए संगठन को मजबूत करने पर जोर दिया गया.  सरकारी योजनाओं का लाभ आम जनता तक पहुंचाने पर फोकस, केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए काम करने के निर्देश दिए गए हैं. 

साथ ही  सार्वजनिक जीवन में संयम और अनुशासन बरतने पर भी जोर दिया गया है. इसके अलावा पदाधिकारियों को आचरण और व्यवहार में अनुशासन बनाए रखने की नसीहत दी गई है. साथ ही विपक्ष को तथ्यों के आधार पर जवाब देने की हिदायत, राजनीतिक मुद्दों पर तथ्यात्मक और प्रभावी तरीके से जवाब देने पर जोर दिया गया है.