नई दिल्ली: आज महाअष्टमी है और देश भर में देवी मां की पूजा हो रही है. देश के नेता भी देवी मां की पूजा कर रहे हैं, क्योंकि सत्ता के लिए शक्ति का ही सहारा है. देवी काली साधना में पीएम नरेंद्र मोदी, कामाख्या देवी मंदिर में अमित शाह, शक्ति की साधना में लीन योगी आदित्यनाथ, राहुल गांधी को मां पीताम्बरा का सहारा तो नीतीश कुमार ने पटना में देवी दुर्गा की पूजा की.

देश में 2019 की जंग से पहले शक्ति के महापर्व में भक्ति के बल पर सत्ता की शक्ति अर्जित करने की साधना हो रही है. पीएम मोदी पिछले 40 सालों से नवरात्रि के दौरान उपवास रख रहे हैं. कल नवमी की पूजा के बाद अपना व्रत खोलेंगे. पीएम मोदी ने बुधवार को मां काली की साधना की तस्वीरें ट्वीटर पर शेयर की. ये मां दुर्गा के उस रूप की तस्वीरें हैं जो दुश्मनों के सर्वनाश का प्रतीक हैं. पीएम मोदी को भी 2019 में दोबारा सत्ता पाने के लिए विरोधियों की हर चाल को मात देनी होगी.

बीजेपी के चाणक्य अमित शाह गुवाहाटी में मां कामाख्या के मंदिर में दर्शन करने पहुंचे और जीत का आशीर्वाद मांगा. अमित शाह ने 2014 के चुनाव में बीजेपी को जबरदस्त जीत दिलाई. अब उनके सामने इसे दोबारा दोहराने की चुनौती है, इसीलिए कामख्या पीठ में मां दुर्गा का अनुष्ठान किया.

यूपी की 80 सीटों पर फिर विजय पताका फहराने की जिम्मेदारी जिन सीएम योगी आदित्यनाथ पर हैं वो भी शक्ति की साधना में लीन हैं. इसके लिए वे गोरखपुर पीठ में ही बाकायदा अनुष्ठान कर रहे हैं और हवन कर रहे हैं. यूपी में बीजेपी के किले को बचाने का दारोमदार उन्हीं पर है.

2019 के चुनावों से पहले भक्ति की राह पर चल कर ही सत्ता की शक्ति अर्जित की जा सकती है. ये बात कांग्रेस की समझ में भी अच्छी तरह आ चुकी है. इसीलिए दो दिन पहले कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी एमपी के दतिया में मां पीताम्बरा के दर्शन करके जीत की आर्शीवाद मांग चुके हैं. बीजेपी पहले से ही भक्ति की जमीन पर जंग लड़ने की तैयारी में है. चाहे राम मंदिर का मामला हो या इलाहाबाद का नाम बदलकर प्रयागराज करने का, आस्था के दम पर सत्ता का सिंहासन पाने में हर कोई जुटा हुआ है.