'रक्षा, AI, अंतरिक्ष, अहम खनिज..', जानें भारत-UAE के बीच क्या हुई चर्चा?
भारत में जारी ब्रिक्स सम्मेलन के पहले दिन शनिवार को अबू धाबी के क्राउन प्रिंस खालिद बिन मोहम्मद ने शनिवार को पीएम मोदी से द्विपक्षीय बैठक की. इस दौरान निवेश बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा की.

भारत के नई दिल्ली में जारी ब्रिक्स सम्मेलन में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अबू धाबी के क्राउन प्रिंस खालिद बिन मोहम्मद ने शनिवार को मीटिंग के दौरान द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा की. इस दौरान उन्होंने अमीराती संस्थाओं से निवेश बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा की. क्राउन प्रिंस खालिद यूएई के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद के उत्तरधिकारी हैं, और पिता के जर्मनी के दौरे पर होने की वजह से वो भारत में आयोजित ब्रिक्स सम्मेलन में अमीरात का प्रतिनिधित्व कर रहे थे.
हालांकि, वो शनिवार को ही ब्रिक्स सम्मेलन में शामिल होने के बाद अपने वतन वापस लौट गए हैं. पश्चिम एशिया में भारत के अहम रणनीतिक साझेदारों में से एक यूएई की बैठक ऐसे वक्त हुई है, जब ईरान और यूएस के बीच मीडिल ईस्ट में लगातार तनाव बना हुआ है.
मुलाकात से जुड़ी जानकारी पीएम मोदी ने साझा की
प्रिंस के साथ मीटिंग में पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर कहा, 'हमने रक्षा, एआई, अंतरिक्ष, अहम खनिजों, ऊर्जा, फूड सिक्योरिटी और कनेक्टिविटी जैसे क्षेत्रों में अपनी रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने पर चर्चा की है. उन्होंने कहा कि निवेश को लेकर रणनीतिक ऊर्जा बुनियादी ढांचे और IMEC कनेक्टिविटी में नई संभानाओं तक आगे बहुत बड़ी संभावनाएं हैं. मोदी ने पश्चिम एशिया में अनिश्चितता के दौर में भारत यूएई के रिश्तों को स्थिरता, समृद्धि और शांति का प्रतीक बताया है. साथ ही कहा है कि कुछ सालों में अपने रिश्तों को बदलने के बाद दोनों पक्ष अब और ऊंचे लक्ष्य तय कर रहे हैं.'
India-UAE ties have been transformed over the last few years. Now, we are raising our ambitions even higher.
— Narendra Modi (@narendramodi) September 12, 2026
Delighted to meet His Highness Sheikh Khaled bin Mohamed bin Zayed Al Nahyan.
Discussed taking our Strategic Partnership forward across defence, AI, space, critical… pic.twitter.com/omzRK4ccuP
विदेश मंत्रालय ने भी जारी किया बयान
विदेश मंत्रालय ने भी इससे जुड़ा एक बयान जारी किया है. इसमें दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय साझेदारी को और गहरा करने में अपने यूएई के सबसे नए सॉवरेन निवेश फंड L'Imad की भूमिका को स्वीकार किया है. उन्होंने ओडिशा में एक इंटीग्रेटेड ग्रीनफील्ड एल्युमीनियम प्रोजेक्ट में 11.5 अरब डॉलर का निवेश करने की यूएई की इंटरनेशनल होल्डिंग कंपनी की घोषणा पर संज्ञान लिया है.
IHC ग्रुप की कंपनी इंटरनेशनल रिसोर्सेज होल्डिंग और अडानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड ने जुलाई में एल्युमीनियम प्रोजेक्ट के लिए ओडिशा राज्य के साथ शुरुआती समझौता किया था. इस प्रोजेक्ट के लिए बनने वाले ज्वाइंट वेंचर में IHC और AEL दोनों की 50-50 प्रतिशत हिस्सेदारी होगी. उम्मीद है कि इससे ओडिशा एक ग्लोबल एल्युमीनियम मैन्युफैक्चरिंग हब के तौर पर स्थापित होगा.
इन मुद्दों पर भी हुई दोनों नेताओं में चर्चा
इसके अलावा बयान में आगे कहा गया है कि मोदी और क्राउन प्रिंस खालिद ने रक्षा, अंतरिक्ष, एटमिक एनर्जी, टेक्नोलॉजी और इनोवेशन जैसे रणनीतिक और उभरते क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के अवसरों पर चर्चा की. पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के बीच, भारतीय पक्ष ने यूएई के शीर्ष नेतृत्व के साथ बातचीत की है, ताकि ऊर्जा की निरंतर आपूर्ति और अमीरात में रहने वाले 40 लाख से अधिक भारतीयों की भलाई सुनिश्चित की जा सके. शेख मोहम्मद बिन जायद ने जनवरी में भारत का दौरा किया और इसके बाद मई में पीएम मोदी ने यूएई की यात्रा की थी. भारत के प्रधानमंत्री ने भारत की अध्यक्षा में ब्रिक्स में यूएई की सक्रिय भागीदारी की सराहना की है.





















