India Sri Lanka Relations: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 5 अप्रैल को श्रीलंका की यात्रा पर जाएंगे. इस यात्रा की घोषणा श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमार दिसानायके ने शुक्रवार (21 मार्च) को संसद में अपने संबोधन के दौरान की. श्रीलंकाई समाचार पोर्टल अदादेराना डॉट एलके की रिपोर्ट के अनुसार ये यात्रा दोनों देशों के बीच आर्थिक और रणनीतिक सहयोग को और मजबूत करने के उद्देश्य से होगी.
श्रीलंका के विदेश मंत्री विजिता हेराथ ने पहले ही पुष्टि कर दी थी कि प्रधानमंत्री मोदी की ये यात्रा 2024 में राष्ट्रपति दिसानायके की भारत यात्रा के दौरान हुए समझौतों को अंतिम रूप देने के लिए हो रही है. इस यात्रा के दौरान बिजनेस, ऊर्जा, और इन्फ्रास्ट्रक्चर को लेकर कई अहम समझौते लागू किए जाएंगे. भारत और श्रीलंका के बीच पहले से ही मजबूत संबंध हैं और इस यात्रा से द्विपक्षीय सहयोग को और ज्यादा मजबूती मिलेगी.
त्रिंकोमाली में पावर प्लांट निर्माण की शुरुआत
राष्ट्रपति दिसानायके ने संसद को ये भी जानकारी दी कि पीएम मोदी की यात्रा के दौरान श्रीलंका के पूर्वी बंदरगाह जिले त्रिंकोमाली के सामपुर क्षेत्र में एक पावर प्लांट के निर्माण कार्य की शुरुआत होगी. इस प्रोजेक्ट से श्रीलंका की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी और इससे बिजली उत्पादन क्षमता में भी इजाफा होगा. ये प्रोजेक्ट श्रीलंका की अर्थव्यवस्था के लिए भी फायदेमंद साबित होगी क्योंकि इससे देश को ऊर्जा आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ने में मदद मिलेगी.
भारत-श्रीलंका के बीच सौर ऊर्जा प्रोजेक्ट पर सहमति
स्वास्थ्य मंत्री नलिंदा जयथिस्सा ने बताया कि भारत और श्रीलंका ने त्रिंकोमाली में सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने के लिए पिछले महीने एक समझौते पर हस्ताक्षर किए थे. इस समझौते के तहत 50 मेगावाट (चरण 1) और 70 मेगावाट (चरण 2) की क्षमता के सोलर पावर प्लांट स्थापित किए जाएंगे. इस प्रोजेक्ट का निर्माण और संचालन श्रीलंका की सीलोन इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड (CEB) और भारत की नेशनल थर्मल पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (NTPC) द्वारा किया जाएगा. ये संयुक्त उद्यम भारत-श्रीलंका के ऊर्जा सहयोग को और मजबूती देगा और श्रीलंका में हरित ऊर्जा (ग्रीन एनर्जी) के विस्तार में मदद करेगा.
