80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले से देश को संबोधित करते हुए नक्सलवाद और माओवादी हिंसा पर सरकार का रुख साफ किया. उन्होंने कहा कि देश में हथियार उठाने वाले नक्सलियों के खिलाफ सुरक्षा बलों ने बड़ी सफलता हासिल की है, लेकिन दिमागी नक्सल की चुनौती को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता.
पीएम मोदी ने कहा कि नक्सलवाद और माओवादी हिंसा ने लंबे समय तक देश के लोगों और युवाओं को नुकसान पहुंचाया. उन्होंने दावा किया कि चार दशक तक बड़ी आबादी इस हिंसा की चपेट में रही. अब देश इस चुनौती से बाहर निकल रहा है और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है.
नक्सलियों के खिलाफ अभियान में बड़ी सफलता मिली
प्रधानमंत्री ने कहा कि जंगलों में हथियार उठाने वाले नक्सलियों के खिलाफ अभियान में बड़ी सफलता मिली है. हालांकि, उन्होंने लोगों को सावधान करते हुए कहा कि हिंसक नक्सलवाद कमजोर हुआ है, लेकिन उसकी विचारधारा को फैलाने वालों को पहचानना जरूरी है. उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों को अलग-थलग करने की जरूरत है, क्योंकि वे सही मौके की तलाश में रहते हैं. प्रधानमंत्री ने देशवासियों से इस चुनौती को कम करके नहीं आंकने और सतर्क रहने की अपील की.
नशा मुक्त भारत का भी किया आह्वान
पीएम मोदी ने नशे के खिलाफ भी देशवासियों से आगे आने की अपील की. उन्होंने कहा कि नशा मुक्त भारत के लक्ष्य को पूरा करने के लिए समाज के हर वर्ग को मिलकर काम करना होगा. प्रधानमंत्री का संदेश साफ था कि देश की सुरक्षा केवल हथियारबंद हिंसा से निपटने तक सीमित नहीं है. युवाओं को नशे और हिंसा से दूर रखना और विकास की मुख्यधारा से जोड़ना भी जरूरी है. पीएम मोदी ने 13वीं बार लाल किले से देश को संबोधित किया है. सबसे पहले उन्होंने साल 2014 में किया था, जब वह पहली बार देश के प्रधानमंत्री बने थे.
