प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इजरायल के दौरे के लिए रवाना हो गए हैं. वर्ष 2014 के बाद यह उनका दूसरा इजरायल दौरा है. इस यात्रा का मुख्य आधार उनका तय कार्यक्रम है, जिसमें संसद को संबोधन से लेकर कई अहम बैठकें शामिल हैं. प्रधानमंत्री मोदी इजरायल की संसद नेसेट को संबोधित करेंगे. ऐसा करने वाले वह पहले भारतीय प्रधानमंत्री बनेंगे. इस दौरे में वह और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू भारत इजरायल रणनीतिक साझेदारी की प्रगति की समीक्षा करेंगे.

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दोनों नेता विज्ञान और प्रौद्योगिकी, नवाचार, रक्षा और सुरक्षा, कृषि, जल प्रबंधन, व्यापार और अर्थव्यवस्था सहित लोगों के बीच सहयोग के विषयों पर चर्चा करेंगे. साथ ही क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचारों का आदान प्रदान होगा.

आगमन का समय और स्वागत

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इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय ने प्रधानमंत्री मोदी का कार्यक्रम जारी किया है. बुधवार को स्थानीय समयानुसार दोपहर 12.45 बजे प्रधानमंत्री मोदी इजरायल पहुंचेंगे. बेन गुरियन एयरपोर्ट पर प्रधानमंत्री नेतन्याहू उनका स्वागत करेंगे.

एयरपोर्ट पर बैठक और येरुशलम प्रस्थान

एयरपोर्ट परिसर में दोनों नेताओं के बीच एक छोटी बैठक होगी. इसके बाद दोनों येरुशलम के लिए रवाना होंगे.

शाम 4.30 बजे नेसेट में स्वागत समारोह

शाम 4.30 बजे इजरायली संसद नेसेट में प्रधानमंत्री मोदी का आधिकारिक स्वागत होगा. इसके बाद वह नेसेट के पूर्ण सदन को संबोधित करेंगे. उनसे पहले प्रधानमंत्री नेतन्याहू का संबोधन होगा.

7.30 बजे रात्रि भोज

शाम 6 बजे प्रधानमंत्री मोदी येरुशलम में एक नवाचार कार्यक्रम में शामिल होंगे. इसके बाद शाम 7.30 बजे किंग डेविड होटल में आधिकारिक रात्रि भोज का आयोजन होगा.

गुरुवार सुबह होलोकॉस्ट मेमोरियल सेंटर का दौरा

गुरुवार 26 फरवरी को सुबह 9 बजे दोनों नेता याद वाशेम होलोकॉस्ट मेमोरियल सेंटर जाएंगे.

सुबह 11 बजे बड़ी बैठक और समझौते

सुबह 11 बजे किंग डेविड होटल में दोनों नेताओं के बीच एक बड़ी बैठक होगी. इसके बाद पहले से तैयार समझौतों का आदान प्रदान किया जाएगा.

संयुक्त बयान और वापसी

प्रधानमंत्री मोदी और प्रधानमंत्री नेतन्याहू मीडिया के सामने संयुक्त बयान जारी करेंगे. प्रधानमंत्री मोदी की गुरुवार दोपहर 2 बजे इजरायल से भारत लौटने की संभावना है.

क्षेत्रीय समूह बनाने की बात

इससे पहले इजरायली प्रधानमंत्री ने कहा था कि इजरायल इस क्षेत्र और आसपास के देशों का एक समूह बनाना चाहता है. इसमें भारत, ग्रीस, साइप्रस और कुछ अरब, अफ्रीकी और एशियाई देश शामिल हो सकते हैं.

फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर बातचीत शुरू

प्रधानमंत्री मोदी के दौरे से पहले भारत और इजरायल के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर पहले दौर की बातचीत 23 फरवरी से शुरू हो गई थी. नवंबर 2025 में तेल अवीव में टर्म ऑफ रेफरेंस पर हस्ताक्षर किए गए थे. वाणिज्य मंत्रालय के अनुसार वित्त वर्ष 2024 25 में दोनों देशों के बीच कुल व्यापार 3.62 अरब अमेरिकी डॉलर रहा. भारत और इजरायल कई क्षेत्रों में एक दूसरे के पूरक माने जाते हैं.