'अभी जो नाराज फूफा जी हैं, वो चिल्लाएंगे...' , पीएम मोदी ने भरे मंच से किसके लिए मजे
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुजरात के वडोदरा में आयोजित नमो फॉर विकसित भारत कार्यक्रम में शामिल हुए. डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर को लेकर पीएम मोदी ने Gen Z को मैसेज देते हुए विपक्ष पर जमकर हमला बोला.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुजरात के वडोदरा में आयोजित नमो फॉर विकसित भारत कार्यक्रम में शामिल हुए. प्रधानमंत्री यहां से 35,000 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे और उद्घाटन करेंगे. इस दौरान उन्होंने इस डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर को लेकर विपक्ष पर जमकर निशाना साधा.
Gen Z को सीधा मैसेज देते हुए और विपक्ष को घेरते हुए पीएम मोदी ने कहा, "नौजवान सुन लीजिए, 7-8 सालों में एक किलोमीटर फ्रेट कॉरिडोर पर काम नहीं हो पाया था. उनके हिसाब से देश चलाते तो आपके बाद भी 3-4 पीढ़ियां आतीं और काम नहीं हो पाता. अभी जो नाराज फूफा जी हैं, वो चिल्लाएंगे कि ट्रक वालों का क्या होगा. ट्रक कहां जाएंगे? अब फूफा जी को काम मिल गया. यानी अब बड़ी मात्रा में सामान तेजी से देश के एक कोने से दूसरे कोने से पहुंच पाएगा."
Gen Z का जिक्र कर क्या कहा
पीएम मोदी ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि बीते बारह सालों में देश की काम करने की संस्कृति कैसे बदली है. इस डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर पर 2004 में विचार शुरू हुआ था तब इन नौजवानों में से कई लोगों का जन्म भी नहीं हुआ होगा. 2006 में एक विशेष कंपनी बनाई गई काम करने के लिए, फिर 2014 तक फाइलें यहां से वहां होती रहीं. दुर्भाग्य देखिए, इन फाइलों को भी कोई डेडिकेटेड कॉरिडोर नसीब नहीं हुआ तब फाइल अटकती, लटकती और भटकती थी.
अब ये जो नाराज फूफा जी हैं, वो चिल्लाएंगे कि ट्रक वालों का क्या होगा, ट्रक कहा जाएंगे, उनका क्या होगा?
— BJP (@BJP4India) September 8, 2026
अब इन फूफा जी को काम मिल गया है।
- पीएम @narendramodi#Namo4ViksitBharat
उन्होंने आगे कहा कि 2014 में लोगों ने मुझे गुजरात से निकालकर दिल्ली भेज दिया. नौजवान सुन लीजिए, 7-8 सालों में एक किलोमीटर फ्रेट कॉरिडोर पर काम नहीं हो पाया था. उनके हिसाब से देश चलाते तो आपके बाद भी तीन चार पीढ़ियां आतीं और काम नहीं हो पाता. पीएम मोदी ने आगे कहा कि फ्रेट कॉरिडोर के साथ-साथ अब भारत में रेल वहां भी पहुंच रही है जहां इतने दशकों तक नहीं पहुंची थी.
ट्रेनों को लेकर विपक्ष पर कसा तंज
पीएम मोदी ने कहा कि गुजरात हो, मध्य प्रदेश हो, महाराष्ट्र हो, यहां जो आदिवासी क्षेत्र हैं, वे भी इस परियोजना के द्वारा रेल से जुड़ रहे हैं. पहले की सरकार में बजट में 1-2 ट्रेनों की घोषणा होती थी और उसके भी साल भर ढोल पीटे जाते थे जबकि आज देश में साल भर में एक के बाद एक नई ट्रेनें चलाई जा रही हैं. आज भी इस कार्यक्रम में कई नई ट्रेनें शुरू हुई हैं.
उन्होंने कहा कि आज यहां से डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर की आखिरी कड़ियां भी जुड़ गई हैं. आज 2800 किलोमीटर से अधिक का डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर प्रोजेक्ट पूरा हो गया. ये 21वीं सदी के भारत के लिए बहुत ऐतिहासिक कार्य है. ये डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर इस बात का साक्षी है कि बीते 12 साल में देश की काम करने की संस्कृति कैसे बदली है.
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