12 जनवरी 2026 को गुजरात के गांधीनगर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने द्विपक्षीय वार्ता की. इस दौरान PM मोदी ने कहा कि भारत-जर्मनी करीबी सहयोगी हैं, इसीलिए आज भारत में 2000 से ज्यादा जर्मन कंपनियां हैं. यह जर्मनी के भारत के प्रति अटूट विश्वास को दर्शाता है.

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जर्मनी यूनिवर्सिटी को भारत का निमंत्रण

PM मोदी ने कहा, 'आज हायर एजुकेशन पर बना रोडमैप शिक्षा के क्षेत्र में हमारी साझेदारी को नई दिशा देगा. भारत में हम जर्मनी के विश्वविधालय को आने का निमंत्रण देते है. भारत और जर्मनी के बीच हेल्थ केयर प्रोफेशनल की आवाजाही हो रही है. दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक संबंध हैं. इसके अलावा हमने गाजा और यूक्रेन संकट पर भी बातचीत की है. '

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दोनों देशों में तकनीकी सहयोग मजबूत हो रहा

भारत और जर्मनी के संयुक्त विकास पर PM मोदी ने कहा, 'हम लोग कई क्षेत्रों में मिलकर नई परियोजना को आगे ले जा रहे है. भारत और जर्मनी का तकनीकी सहयोग हर साल मजबूत हुआ है. 2000 से जर्मन जर्मन कंपनी लंबे समय से भारत में काम कर रही हैं. भारत और जर्मनी के रिश्ते के बीच विश्वास है. भारत और जर्मनी में निवेश संबंध हैं.'

भारत और जर्मनी के बीच 75 साल पुराने राजनयिक संबंध

PM मोदी ने कहा कि भारत जर्मनी के साथ अपनी मित्रता करने के लिये पूरी तरह से प्रतिबद्ध है. चासंलर मर्ज की यात्रा एक खास समय पर हो रही है. उन्होंने कहा, 'पिछले साल हमने अपनी रणनीतिक साझेदारी के 25 साल पूरे किए और इस साल हम अपने राजनयिक संबंधों के 75 वर्ष भी मना रहे हैं. भारत और जर्मनी हर एक फील्ड में मिलकर काम कर रहे हैं. आज हुए समझौते से रिश्तों में मजबूती और ज्यादा बढ़ जाएगी.'

PM मोदी ने कहा- पार्टनरशिप को नई ऊर्जा मिली

रक्षा व्यापार से जुड़ी प्रोसेस को आसान करने के लिए मैं चांसलर मर्ज का आभार व्यक्त करता हूं. रक्षा और सुरक्षा में बढ़ता सहयोग हमारे आपसी भरोसे और साझी सोच का प्रतीक है. बढ़ते व्यापार और निवेश संबंधों ने हमारी स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप को नई ऊर्जा दी है. भारत सभी समस्याओं और विवादों के शांतिपूर्ण समाधान का पक्षधर रहा है.