पीएम मोदी के यूरोप दौरे से पहले एक्शन में रक्षा मंत्री, बुलाई उच्चस्तरीय बैठक, मीटिंग में क्या-क्या हुआ
PM modi Europe Visit: मिडिल ईस्ट तनाव और इसके भारत पर पड़ने वाले संभावित असर को लेकर बनी इंटर-मिनिस्टीरियल ग्रुप ने समीक्षा बैठक की. पीएम मोदी की अपील के बाद रक्षा मंत्री की अगुवाई में ये बैठक हुई.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 15-20 मई के दौरान यूरोप का दौरा करेंगे. द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री नीदरलैंड, स्वीडन, नॉर्वे और इटली का दौरा करेंगे. पीएम मोदी ने रविवार (10 मई 2026) को नागरिकों से ईंधन बचाने, सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने, वर्क फ्रॉम होम की व्यवस्था को फिर से शुरू करने, गैर-जरूरी वस्तुओं की खरीदारी और विदेश यात्राओं से बचने की अपील की थी. उन्होंने मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध से उत्पन्न वैश्विक संकट से निपटने के लिए विदेशी मुद्रा को बचाने पर जोर दिया था.
देशवासियों को घबराने की जरूरत नहीं: राजनाथ सिंह
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार (11 मई 2026) को एक समीक्षा बैठक की. उन्होंने देशवासियों से कहा कि शांत रहें और घबराने की जरूरत नहीं है. मिडिल ईस्ट तनाव और इसके भारत पर पड़ने वाले संभावित असर को लेकर बनी इंटर-मिनिस्टीरियल ग्रुप (IGoM) ने समीक्षा बैठक में अपनी राय रखी है. इस बैठक के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि मिडिल ईस्ट संकट को देखते हुए सरकार जरूरी सामान और ऊर्जा आपूर्ति पर नजर बनाए हुए हैं. उन्होंने साफ किया कि सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि देशवासियों को जरूरी सामानों की कमी न हो.
बैठक में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा, पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी, केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू, बंदरगाह, शिपिंग मिनिस्टर सर्वानंद सोनोवाल, नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राम मोहन नायडू समेत कई अन्य महत्वपूर्ण व्यक्ति शामिल हुए. बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि अंतरराष्ट्रीय तनाव के बावजूद देश में पेट्रोल-डीजल, रसोई गैस और अन्य जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति सामान्य बनी हुई है. सरकार लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए है और किसी भी प्रकार की कमी या बाधा से निपटने के लिए आवश्यक कदम उठा रही है.
क्यों बुलाई गई इंटर-मिनिस्टीरियल ग्रुप की बैठक
रक्षा मंत्री ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा, 'केंद्र सरकार के इंटर-मिनिस्टीरियल ग्रुप (IGoM) ने 11 मई को 5वीं बैठक की. मिडल ईस्ट) में जारी संघर्ष के बीच सरकार आपकी जरूरतों को लेकर सतर्क है. इसमें इस बात पर चर्चा हुई कि पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध का भारत में बिजली, तेल (Energy) और जरूरी चीजों (जैसे राशन/सब्जी) की सप्लाई पर क्या असर पड़ सकता है. सरकार ने आश्वासन दिया है कि वह पूरी कोशिश कर रही है ताकि देश में किसी भी चीज की कमी न हो.'
पीएम मोदी की देश के लोगों से अपील
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वर्तमान स्थिति में, देश को विदेशी मुद्रा की बचत पर भी विशेष ध्यान देना चाहिए. पेट्रोल-डीजल पूरी दुनिया में बेहद महंगे हो गए हैं, इसलिए ईंधन बचाना और इस तरह पेट्रोल और डीजल खरीदने पर खर्च होने वाली विदेशी मुद्रा को बचाना हमारी जिम्मेदारी है. उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि वे जहां भी उपलब्ध हो, मेट्रो रेल और सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करके पेट्रोल और डीजल की खपत कम करें, निजी वाहनों की आवश्यकता होने पर कार-पूलिंग का विकल्प चुनें, माल ढुलाई के लिए रेल परिवहन को प्राथमिकता दें और जहां भी संभव हो, इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग बढ़ाएं.
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