प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद का दो दिवसीय चिंतन शिविर शुरू हो गया है. यह बैठक सेवा तीर्थ में आयोजित की जा रही है. बैठक में ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को हासिल करने के लिए अब तक किए गए काम की समीक्षा की जाएगी और आने वाले वर्षों के लिए योजनाओं पर चर्चा होगी.

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इस चिंतन शिविर का मुख्य मकसद 2047 तक भारत को विकसित देश बनाने के लिए तैयार किए जा रहे रोडमैप को आगे बढ़ाना है. बैठक में सरकार की मौजूदा योजनाओं की प्रगति देखी जाएगी और यह भी चर्चा होगी कि विकास की रफ्तार को और कैसे बढ़ाया जा सकता है.

अब तक के काम की होगी समीक्षा

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चिंतन शिविर में सरकार के अलग-अलग स्तरों पर चल रहे काम की समीक्षा की जाएगी. मंत्रियों के बीच नए विचारों, जरूरी सुधारों और आने वाले समय की प्राथमिकताओं को लेकर चर्चा होगी. इसका मकसद अलग-अलग मंत्रालयों के काम को एक साझा दिशा देना है, ताकि ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य पर तेजी से काम किया जा सके. सरकार की ओर से ‘विकसित भारत 2047’ को लेकर काम 2021 से चल रहा है. इसके लिए सचिवों के 10 अलग-अलग समूह बनाए गए थे. इन समूहों को अलग-अलग क्षेत्रों के लिए छोटे और लंबे समय के रोडमैप तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई थी. इन योजनाओं पर संबंधित पक्षों के साथ भी चर्चा की गई थी.

मंत्रिपरिषद के सामने हो चुके हैं कई प्रेजेंटेशन

अब तक मंत्रिपरिषद के सामने इस प्रक्रिया के तहत आठ प्रेजेंटेशन और चर्चाएं हो चुकी हैं. 23 और 24 सितंबर को होने वाला यह दो दिवसीय चिंतन शिविर इसी प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का अगला चरण है. बैठक में सचिवों के समूह, अलग-अलग मंत्रालयों और विभागों, कैबिनेट सचिवालय तथा नीति आयोग के काम को एक साथ जोड़ने पर जोर दिया जाएगा. सरकार का प्रयास है कि अलग-अलग स्तर पर तैयार योजनाओं और सुझावों को एक साझा रोडमैप का हिस्सा बनाया जाए.

सुधार और आसान जीवन पर रहेगा जोर

चिंतन शिविर में प्रशासनिक सुधार के साथ आम लोगों के जीवन को आसान बनाने यानी Ease of Living पर भी चर्चा होगी. इसके साथ ही नियमों और सरकारी प्रक्रियाओं के कारण लोगों और कारोबारियों पर पड़ने वाले अनावश्यक बोझ को कम करने पर ध्यान दिया जाएगा. सरकार का फोकस ऐसी व्यवस्था तैयार करने पर है, जिसमें लोगों को सरकारी सेवाएं आसानी से मिलें और कारोबार शुरू करने या चलाने में अनावश्यक कागजी प्रक्रिया कम हो.

आगे भी होंगी कई बैठकें

23 और 24 सितंबर की चर्चा के बाद ‘विकसित भारत 2047’ को लेकर आने वाले दिनों में कई और दौर की बैठकें होने की संभावना है. इन बैठकों में अलग-अलग क्षेत्रों के लिए तैयार योजनाओं की समीक्षा और आगे की दिशा तय की जाएगी. ‘विकसित भारत 2047’ के तहत सरकार का लक्ष्य आजादी के 100 साल पूरे होने तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाना है. मौजूदा चिंतन शिविर इसी लंबे समय की योजना को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया का हिस्सा है.