महिला आरक्षण बिल को लेकर पीएम मोदी ने विपक्ष पर बड़ा हमला किया है. उन्होंने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले के प्राचीर से कहा कि हमने नारी शक्ति वंदन बिल पास किया था, लेकिन ये सपना राजनीतिक अखाड़े का शिकार हो गया.
पीएम मोदी ने कहा, ''मैं सभी राजनीतिक दलों से अपील करता हूं, आग्रह करता हूं. महिलाओं के सामर्थ्य के पुजारी बनिए. महिलाओं के सम्मान में आगे आइए. जल्द से जल्द महिलाओं माताओं बहनों को 33 प्रतिशत विधानसभा और लोकसभा में प्रतिनिधित्व मिले, समय की मांग है. सभी राजनीतिक दलों से आग्रह करते हैं कि महिला आरक्षण लागू करके उसमें हिस्सा लीजिए, क्रेडिट लीजिए, उसका यश लीजिए.''
पीएम मोदी ने कहा कि सैन्यबलों का सामर्थ्य को बढ़ना है.. लेकिन साथ में नागरिकों को भी तैयार करना है, Civil Defence का बड़ा नेटवर्क तैयार कर रहे हैं. बहुत बड़ी संख्याओं में महिलाएं भागीदार बन रही हैं.
विपक्ष का कहना है महिला आरपक्ष बिल तो 2023 में ही पास हो चुका है और सरकार इसे लागू नहीं कर रही है. परिसीमन की आड़ में इसे रोक रही है. सरकार का कहना है कि 2029 के अगले आम चुनावों में महिला आरक्षण लागू करने के लिए, सबसे हालिया उपलब्ध जनगणना आंकड़ों के आधार पर जल्द से जल्द परिसीमन की प्रक्रिया शुरू करने की आवश्यकता है.
परिसीमन को लेकर संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026 विपक्षी एकजुटता की वजह से गिर गया था. सरकार ने हालिया मानसून सत्र में भी इसे लाने की कोशिश में थी, लेकिन विपक्षी हंगामे की वजह से विधायी काम नहीं हो सका.
