कलकत्ता हाईकोर्ट ने हावड़ा में रामनवमी शोभायात्रा निकालने की अनुमति दी है, लेकिन कुछ शर्तों के साथ. अंजनी पुत्र सेना और विश्व हिंदू परिषद (VHP) द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए, कोर्ट ने शोभायात्रा में हथियार ले जाने और डीजे के उपयोग पर प्रतिबंध लगाया है. इसके अलावा, बाइक रैली की भी अनुमति नहीं दी गई है. शोभायात्रा में अधिकतम 500 लोग शामिल हो सकते हैं, और सभी प्रतिभागियों को अपनी पहचान का प्रमाण पुलिस को देना होगा.

अंजनी पुत्र सेना ने दायर की थी याचिका

हावड़ा में रामनवमी के अवसर पर शोभायात्रा निकालने की परंपरा रही है, लेकिन हाल के वर्षों में इसे लेकर विवाद हुए हैं. पिछले साल, शोभायात्रा के दौरान हाईकोर्ट के आदेशों का उल्लंघन हुआ था, जिसमें प्रतिभागियों की संख्या 200 से अधिक थी और डीजे का उपयोग किया गया था. इसलिए, इस वर्ष पुलिस ने सुरक्षा चिंताओं के कारण पारंपरिक मार्ग पर शोभायात्रा की अनुमति देने से इनकार कर दिया था. इसके जवाब में, अंजनी पुत्र सेना ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की, जिसके परिणामस्वरूप कोर्ट ने शर्तों के साथ अनुमति दी.

कोर्ट ने दिया ये आदेश

कोर्ट के आदेश के अनुसार, शोभायात्रा जीटी रोड के एक ही मार्ग पर होगी, और पुलिस पूरी स्थिति पर कड़ी नजर रखेगी. सभी आयोजकों और प्रतिभागियों को इन शर्तों का पालन करना अनिवार्य होगा, ताकि शोभायात्रा शांतिपूर्ण और सुरक्षित रूप से संपन्न हो सके.

पश्चिम बंगाल के राज्यपाल ने की ये अपील

इससे पहले पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सी वी आनंद बोस ने तृणमूल कांग्रेस सरकार को निर्देश दिया कि वह राज्य में रामनवमी का त्योहार शांतिपूर्ण तरीके से मनाना सुनिश्चित करने के लिए एहतियाती कदम उठाए. राजभवन की ओर से जारी बयान में कहा गया है, 'यह सुनिश्चित करने के लिए कि उत्सव में किसी भी तरह से बाधा न आए, राज्यपाल ने राज्य सरकार को सख्त सलाह दी है कि वह पूरे राज्य में रामनवमी शांतिपूर्ण तरीके से मनाने के लिए सभी एहतियाती कदम उठाए.’’

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