कांग्रेस सांसद शशि थरूर की ओर से राहुल गांधी के कार्यक्रम छात्रों की गूंज पर दिए गए बयान का पार्टी के भीतर ही विरोध का सामना करना पड़ रहा है. तिरुवनंतपुरम के सांसद थरूर ने एक इंटरव्यू में इस बात पर सहमति जताई थी कि राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कैंपेन को छात्रों से उतना समर्थन नहीं मिला, जितना जंतर-मंतर पर हुए CJP विरोध-प्रदर्शन को मिला था. इसे लेकर कांग्रेस के राज्यसभा सासंद पवन खेड़ा ने कहा कि अगर शशि थरूर को कोई शक है तो वे प्रयागराज में आकर छात्रों को देख लें.
देश के नौजवानों को मिल गया नेतृत्व: पवन खेड़ा
पवन खेड़ा ने कहा, 'आज देश के नौजवानों को सुनने की जरूरत है. हर कार्यक्रम में राहुल गांधी नौजवानों को सुनते हैं और उनके माध्यम से पूरे देश को सुनाते भी हैं. आज भी वही से नौकरियां, शिक्षा व्यवस्था, परीक्षा प्रणाली सब पर चर्चा हो रही है.' शशि थरूर के बयान पर उन्होंने कहा, 'आज ये तीसरा कार्यक्रम है, जिसे में अटैंड कर रहा हूं. मुझे याद नहीं है कि डॉक्टर थरूर ने एक भी कार्यक्रम अटैंड किया है या नहीं किया है. कर लेते अटैंड तो मालूम पड़ जाता. मैं उनके बारे में टिप्पणी करने नहीं बैठा हूं. मैं ये जानता हूं जो नौजवान उम्मीद हारे हुए हैं उन्हें आज एक नेतृत्व मिल गया है.'
राहुल गांधी ने छात्रों को किया संबोधित
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सासंद राहुल गांधी शनिवार (8 अगस्त 2026) को प्रयागराज के केपी ग्राउंड में कांग्रेस के 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम को संबोधित किया. उन्होंने कहा, 'मेरे परिवार का घर प्रयागराज में था. मुझे यहां आकर बहुत खुशी होती है. ये शहर ज्ञान का सेंटर हुआ करता था. छात्रों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, आज मैं आपसे दर्द, डाटा और दौलत की बात करने आया हूं. हिंदुस्तान में 40 करोड़ युवा हैं, जो इस देश की ताकत हैं इसलिए 21वीं सदी में देश दो चीजों के कारण आगे बढ़ सकता है. पहला- युवाओं की ताकत और दूसरा युवाओं का डाटा.'
उन्होंने देश में शैक्षणिक योग्यता के मूल्य को लेकर भी चिंता व्यक्त की और कहा कि आज भारत में शिक्षा का प्रमाण पत्र का कोई मतलब नहीं है क्योंकि ये आपको नौकरी नहीं दे सकते. उन्होंने कहा, 'मैन्युफैक्चरिंग घटा, उद्यमी ऋण पाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं, सरकारी परीक्षाओं के पेपर लीक हो रहे, एआई कॉरपोरेट नौकरियों की जगह ले रहा, इन सभी से भारत के युवा को नुकसान हो रहा.'
