Parliament Monsoon Session Highlights: 'गृहमंत्री सदन में आएं', विपक्ष ने लगाए नारे, रिजिजू बोले- 'वो सुबह से शाम संसद में रहते हैं'
Parliament Monsoon Session Today LIVE Updates: मानसून सत्र में पक्ष और विपक्ष के बीच गतिरोध बढ़ता जा रहा है. विपक्ष के आचरण को लेकर विपक्ष तीखी प्रतिक्रिया दे रहा है.
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संसद के मानसून सत्र में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच गतिरोध लगातार गहराता जा रहा है. भाजपा सांसदों ने विपक्ष के आचरण को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी और कहा कि सरकार हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष जानबूझकर सदन को चलने नहीं दे रहा.
संसद की एक स्थायी समिति ने सरकार से पंचायती राज संस्थाओं के कामकाज की व्यापक समीक्षा कर लोकतांत्रिक विकेंद्रीकरण, वित्तीय आत्मनिर्भरता और नागरिकों की भागीदारी को मजबूत बनाने के लिए ‘‘पंचायत सुधारों की अगली पीढ़ी’’ की रूपरेख तैयार करने की सिफारिश की है.
राहुल गांधी से मांगा सहयोग
किरन रीजीजू ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से मुलाकात कर मानसून सत्र की शेष अवधि के दौरान सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग मांगा. रीजीजू संसद भवन परिसर स्थित राहुल गांधी के कार्यालय पहुंचे थे, जहां हुई बैठक में कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाद्रा भी मौजूद थीं. बाद में कांग्रेस के लोकसभा में उपनेता गौरव गोगोई और पार्टी के महासचिव के. सी. वेणुगोपाल भी बैठक में शामिल हुए.
राज्यसभा की तृणमूल कांग्रेस सदस्य मेनका गुरुस्वामी ने बुधवार को आरोप लगाया कि सरकार संसद में भाषण को ‘सेंसर’ कर रही है और जब विपक्ष के सांसद ऐसे मुद्दे उठाते हैं जिन पर सत्ता पक्ष चर्चा नहीं चाहता, तो उनके माइक बंद कर दिए जाते हैं. उन्होंने संसद भवन परिसर में संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि सरकार विपक्ष को जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल करने, न्यायाधीशों की नियुक्ति और सदन में पेश किए जाने वाले विधेयकों से जुड़े मुद्दे उठाने से रोककर ‘‘संसदीय लोकतंत्र को खत्म’’ कर रही है.
लोकसभा सोमवार तक स्थगित
विपक्ष के हंगामे के बाद लोकसभा की कार्यवाही सोमवार 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई है.
किरण रिजिजू ने किया अमित शाह का सपोर्ट
लोकसभा में रिजिजू ने कहा अमित शाह जी सुबह सुबह संसद भवन आते हैं, देर रात वापस जाते हैं. ये नारा लगाने का तरीका गलत है. गृहमंत्री अमित शाह वो इंसान हैं, जिनका नाम सुनकर आतंकवादी, उग्रवादी कांप उठते हैं. जिस दिन अमित शाह का यहां जवाब होगा, आप सुन नहीं पाएंगे. नियम के तहत जिसका बिजनेस होता है, उसी संबंधित मंत्री को आना होता है. आप यह तय नहीं कर सकते. आप सदन को डिस्टर्ब कर रहे हैं.


















