Explained: पहले दिन 5 बार स्थगित हुआ सदन! मानसून सत्र में कौन से बिल और किन मुद्दों पर जंग छिड़ना तय?
Monsoon Session 2026: 20 जुलाई को पांच बार लोकसभा का स्थगित होना साफ संकेत है कि यह सत्र शांत नहीं रहेगा. NEET, राम मंदिर और E20 समेत हर मुद्दा गरम है. इन पर सरकार-विपक्ष के बीच जंग छिड़ने वाली है.

20 जुलाई 2026 से शुरू हुआ संसद का मानसून सत्र बेहद उबाल भरा रहा है. एक तरफ सरकार ने 8 बड़े विधेयकों की लिस्ट तैयार की है, तो वहीं विपक्ष NEET पेपर लीक, राम मंदिर दान विवाद, महंगाई और बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरने की पूरी तैयारी के साथ आया है. 19 जुलाई को हुई सर्वदलीय बैठक में ही विपक्ष ने प्रतीकात्मक वॉकआउट कर दिया था. यह कम नहीं था कि पहले ही दिन संसद पांच बार स्थगित हो चुकी है...
सरकार का एजेंडा: 8 बड़े विधेयक
सरकार ने मानसून सत्र के लिए 8 विधेयकों की लिस्ट तैयार की है:
- विदेशी योगदान (विनियमन) संशोधन विधेयक 2026 (FCRA): यह विदेशी फंड लेने और इस्तेमाल में जवाबदेही बढ़ाने का प्रस्ताव है. लोकसभा में इस पर 4 घंटे की चर्चा तय है. हालांकि, केरल विधानसभा चुनाव से पहले यह बिल संवेदनशील बन गया है. विपक्ष का आरोप है कि इससे ईसाई संगठनों और NGOs पर असमान रूप से असर पड़ेगा.
- आयकर (संशोधन) विधेयक 2026: यह पिछले महीने जारी किए गए अध्यादेश को बदलेगा, जो विदेशी निवेशकों को सरकारी प्रतिभूतियों में निवेश पर ब्याज और पूंजीगत लाभ से आयकर छूट देता है. इस पर 3 घंटे की चर्चा होगी.
- सुप्रीम कोर्ट (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन विधेयक 2026: यह CJI को छोड़कर सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों की संख्या 33 से बढ़ाकर 37 करने का प्रस्ताव है. इस पर 4 घंटे की चर्चा होगी.
- जन्म और मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) विधेयक 2026: यह जन्म-मृत्यु के देरी से पंजीकरण के नियमों को सख्त करेगा.
- राष्ट्रीय सम्मान का अपमान (संशोधन) विधेयक 2026: गृह मंत्री अमित शाह इसे राज्यसभा में पेश करेंगे. इसमें 'वंदे मातरम' का अपमान करने पर 3 साल की जेल, जुर्माना या दोनों का प्रावधान है.
- सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विकास (संशोधन) विधेयक 2026: यह देरी से भुगतान के सिस्टम को मजबूत करेगा, मध्यस्थता को लागू करेगा और व्यापार नियमों को सरल बनाएगा.
- विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक 2025: यह पिछले सत्र से लंबित है.
- परिसीमन बिल और महिला आरक्षण (131वां संविधान संशोधन विधेयक): यह शुरुआती एजेंडा में नहीं है, लेकिन केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने दावा किया है कि यह पास हो जाएगा. अप्रैल 2026 के बजट सत्र में यह 54 वोटों से गिर गया था, क्योंकि NDA को दो-तिहाई बहुमत नहीं मिला था.
विपक्ष के एजेंडा में 6 बड़े मुद्दे कौन से हैं?
विपक्ष ने साफ कर दिया है कि वह सरकार को इन 6 मुद्दों पर घेरेगा:
- NEET पेपर लीक विवाद: सबसे गरम मुद्दा यही है. 22 लाख से ज्यादा छात्र प्रभावित हुए. सपा ने संसद परिसर में प्रदर्शन किया. कांग्रेस ने राज्यसभा में चर्चा के लिए नोटिस दिया. कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने संसद मार्च का आह्वान किया. सोनम वांगचुक के 23 दिन के अनशन और पुलिस के अस्पताल ले जाने ने इस मुद्दे को और गरम कर दिया. इस समय विपक्ष और जंतर-मंतर पर इकट्ठे हुए प्रदर्शनकारी शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं.
- राम मंदिर दान विवाद (चंदा चोरी): कांग्रेस ने इस पर चर्चा के लिए अविश्वास प्रस्ताव दिया. विपक्ष का आरोप है कि 70 से ज्यादा CCTV फुटेज में कर्मचारी दान छिपाते दिखे. सरकार का कहना है कि यह उत्तर प्रदेश सरकार का मामला है.
- E20 पेट्रोल विवाद: 20% इथेनॉल मिश्रण की वजह से माइलेज घटने और इंजन खराब होने की शिकायतें आने लगीं. सोशल मीडिया पर देश भर से वीडियो आए, जिसमें इंजन को भारी नुकसान पहुंचा. विपक्ष ने सर्वदलीय बैठक में भी इस मुद्दे को उठाया.
- महंगाई और पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतें: मई 2026 में जब ईरान युद्ध अपने चरम पर था, थोक महंगाई (WPI) 2.2% से बढ़कर 9.7% हो गई थी. बसपा प्रमुख मायावती ने भी महंगाई, बेरोजगारी, महिला सुरक्षा पर चर्चा की मांग की.
- बेरोजगारी: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने 'अर्थव्यवस्था, भ्रष्टाचार और शासन' पर सरकार को जवाबदेह ठहराने की बात कही.
- विपक्षी दलों से बड़े पैमाने पर दल-बदल: 20 TMC सांसदों, 6 शिवसेना (UBT) सांसदों, 7 AAP सांसदों के सत्ता पक्ष में जाने से विपक्ष कमजोर हुआ. विपक्ष इस 'संस्थागत कब्जे' को मुद्दा बनाएगा.
मानसून सत्र के पहले दिन क्या हुआ?
20 जुलाई को पहले ही दिन विपक्ष के हंगामे के कारण लोकसभा दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी गई. सदन शुरू होते ही विपक्षी सांसद NEET और राम मंदिर मुद्दे पर नारेबाजी करने लगे. स्पीकर ओम बिरला ने शांति की अपील की, लेकिन हंगामा जारी रहा. फिर सदन को 2 बजे तक स्थगित कर दिया. कार्रवाई शुरू हुई और अब ढाई बजे तक स्थगित कर दी है.
वहीं, CJP के प्रदर्शन के बीच गृह मंत्री अमित शाह ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से मुलाकात की है. शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा CJP प्रदर्शनकारियों और सोनम वांगचुक की प्रमुख मांग है.
19 जुलाई को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में 40 दलों के 58 नेताओं की बैठक हुई. विपक्ष ने राम मंदिर, NEET और E20 पर चर्चा की मांग की. 20 बागी TMC सांसदों (NCPI) को बैठक में बुलाए जाने के विरोध में विपक्ष ने वॉकआउट किया.
तो सदन में अब आगे क्या होगा?
मानसून सत्र दो मोर्चों पर लड़ा जाएगा:
- सरकार 8 विधेयकों को पास कराना चाहती है, खासकर FCRA संशोधन, आयकर संशोधन, सुप्रीम कोर्ट के जजों की संख्या बढ़ाने और 'वंदे मातरम' अपमान वाले बिल को.
- विपक्ष NEET पेपर लीक और राम मंदिर दान विवाद को सबसे बड़ा हथियार बनाकर सरकार को घेरना चाहता है. सोनम वांगचुक का अनशन और CJP का संसद मार्च इस दबाव को और बढ़ा रहा है.























