नई दिल्लीः पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के शपथ ग्रहण समारोह में जाकर विवादों में फंसे पंजाब के कैबिनेट मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू वापस भारत लौट आए हैं. भारत लौटकर उन्होंने अपने पाकिस्तान के आर्मी चीफ जनरल कमर जावेद बाजवा से गले मिलने को लेकर सफाई दी है. एबीपी न्यूज से एक्सक्लूसिव बातचीत में उन्होंने कहा है कि मैंने अपने देश का कोई नियम नहीं तोड़ा है. मैं इजाजत लेकर पाकिस्तान गया था.
उन्होंने कहा है कि 'अगर कोई आपसे आकर गले मिलता है और कहता है कि हम समान संस्कृतियों से संबंध रखते हैं. हम गुरु नानक देव के 550वें प्रकाश पर्व पर करतापुर बॉर्डर को खुला रखेंगे,' इतना सुनने के बाद तो में और क्या कर सकता था.
कल इस्लामाबाद में इमरान खान के शपथ ग्रहण समारोह में पाक अधिकृत कश्मीर (पीओके) के राष्ट्रपति मसूद खान के बगल में बैठने को लेकर भी सिद्धू ने सफाई देते हुए कहा कि 'मैं वहां सम्मानित अतिथि के तौर पर आमंत्रित था और ऐसे में आपको जहां कहा जाता है आप वहां बैठते हैं. मैं पहले कहीं और बैठा था पर उन्होंने मुझे वहां (मसूद खान) के बगल में बैठने के लिए कहा इसलिए मैं वहां बैठा.'
उधर इमरान के शपथ ग्रहण में शरीक होकर भारत लौटे सिद्धू ने ये भी कहा कि उन्होंने कोई नियम नहीं तोड़ा है. वहीं पंजाब के सीएम अमरिंदर सिंह ने कहा कि पाकिस्तान के सेनाप्रमुख को गले लगाकर सिद्धू ने ठीक नहीं किया.
बता दें कि पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने भी सिद्धू के पाक आर्मी चीफ को गले लगाने को लेकर रोष जताया है और कहा है कि 'सिद्धू ने ये ठीक नहीं किया. रोजाना हमारे जवान सरहद पर मारे जा रहे हैं और इसके बावजूद पाकिस्तान के आर्मी चीफ को गले लगाने को मैं गलत मानता हूं. मेरा मानना है कि उन्हें समझना चाहिए कि हमारे जवान मारे जा रहे हैं. सिद्धू का ये कहना कि वो जनरल बाजवा को पहचानते नहीं थे वो भी गलत है क्योंकि उनकी यूनिफॉर्म पर लिखा रहता है कि वो कौन हैं.'
