नई दिल्ली: आतंकवाद पर अब तक नरम रुख अपनाने वाले पाकिस्तान ने एक बार फिर भारत से बातचीत की पेशकश की है. खबरों के मुताबिक, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर कश्मीर समेत सभी मुद्दों पर बातचीत की अपील की. जबकि भारत अपने शुरुआती रुख पर कायम है. भारत का साफ-साफ शब्दों में कहना है कि जब तक पाकिस्तान अपने देश में पल रहे आतंकवादियों पर कार्रवाई नहीं करेगा, बातचीत नहीं होगी. वहीं इमरान खान पुलवामा, मुंबई के मास्टरमाइंड के खिलाफ ठोस कार्रवाई से बच रहे हैं.

आतंक पर कार्रवाई की सिर्फ बात करते हैं पाक पीएम इमरान खान

यह जरूर है कि पाकिस्तानी पीएम इमरान खान सत्ता में आने के बाद से ही आतंकवाद पर कड़ी कार्रवाई की बात अनेक मौकों पर कर चुके हैं. लेकिन इमरान खान के कथन में बातें ज्यादा और धरातल पर कार्रवाई कम होती दिख रही है. उनके झूठ का पर्दाफाश फरवरी में पुलवामा आतंकवादी हमले के समय हुआ. पुलवामा हमले में 40 भारतीय सुरक्षाबल के जवान शहीद हो गए थे. इस आतंकवादी हमले की जिम्मेदारी पाकिस्तानी आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने ली थी. जैश का सरगना मसूद अजहर पाकिस्तान में रह रहा है. भारत ने जैश के गुनाह के सबूत भी इमरान खान को भेजे लेकिन कार्रवाई तो दूर पाकिस्तान ने सीमा पार आतंकवाद की संलिप्तता से भी इनकार किया.

पठानकोट एयरफोर्स बेस पर हमले से और खराब हुआ संबंध

बता दें कि भारत और पाकिस्तान के बीच बातचीत साल 2016 के जनवरी महीने से पूरी तरह बंद है. इससे पहले पिछले करीब पाच सालों में एक बार नवाज शरीफ नई दिल्ली आए तो वहीं पीएम मोदी एक बार पाकिस्तान गए. बंद है. पठानकोट एयरफोर्स बेस पर हमले के बाद से भारत ने पाकिस्तान से बातचीत नहीं करने का रुख अख्तियार किया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पाकिस्तान से रिश्ते सुधारने के अनेक प्रयास किए हैं. साल 2014 में पहली बार शपथ लेने के दौरान पीएम मोदी ने सार्क देशों के राष्ट्राध्यक्षों को आमंत्रित किया था. उस समय पाकिस्तान के पीएम नवाज शरीफ पीएम मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए थे. पीएम मोदी के इस कदम की उस समय काफी सराहना की गई थी. लेकिन इसके बाद भी पाकिस्तानी आतंकवादी संगठनों ने भारत पर कई आतंकवादी हमले किए. पीएम नरेंद्र मोदी एक बार पाक पीएम नवाज शरीफ से मिलने भी पाकिस्तान गए, लेकिन फिर भी पाकिस्तान ने आतंक पर कार्रवाई नहीं की. हर बार पाकिस्तान ने अपना दोहरा चरित्र दिखाया है. आतंकवाद पर कार्रवाई की बात करने वाला पाकिस्तान हर बार अपने बातों से पीछे हट गया है. लेकिन इमरान खान कई बार बातचीत का ढोंग करते रहे हैं-

1. इमरान खान को 25 जुलाई को हुए पाकिस्तान में चुनाव में बड़ी जीत मिली. चुनाव में जीत के बाद पीएम इमरान खान ने अपने विजयी भाषण में भारत से बातचीत की पेशकश की थी. उन्होंने दोनों देश के मध्य तमाम अवरोध को खत्म करने की बात कही थी.

2. इसके बाद करतारपुर कॉरिडोर के शिलान्यास के मौके पर इमरान खान ने कहा था पाकिस्तानी आर्मी और शासन भारत से बातचीत के मुद्दे को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहा है.

3. पीएम मोदी को लगातार दूसरी बार मिली शानदार जीत के बाद भी पाकिस्तानी पीएम इमरान खान ने पीएम मोदी को जीत की बधाई देते हुए कहा कि पीएम मोदी के साथ दक्षिण एशिया में शांति, समृद्धि लाने के लिए काम करने को आशान्वित हूं.

आज केरल पहुंचेगा मानसून, MP और राजस्थान में फिलहाल गर्मी से राहत नहीं, कई इलाकों में पानी की किल्लत

दिली इच्छा है कि अयोध्या में जल्द से जल्द राम मंदिर का निर्माण हो- योगी आदित्यनाथ

भाषा को लेकर विवाद के बीच रिपोर्ट में खुलासा, दक्षिण के राज्यों में तमिलनाडु के लोग हिंदी सीखने में टॉप पर