भारत के हालिया सैन्य अभियान ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद पाकिस्तान की बौखलाहट अंतरराष्ट्रीय मंचों पर साफ दिखाई दे रही है. भारतीय नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश त्रिपाठी ने कहा कि बीते 7-8 महीनों में पश्चिमी अरब सागर में भारतीय नौसेना का दबदबा काफी बढ़ा है और पाकिस्तान इसकी वजह से डरा हुआ है.
30 से ज्यादा जहाजों और पनडुब्बियों की तैनातीएडमिरल त्रिपाठी के मुताबिक, ऑपरेशन सिंदूर के दौरान बेहद कम समय में 30 से अधिक युद्धपोत और पनडुब्बियों की तैनाती की गई थी. उन्होंने कहा कि भारतीय नौसेना की शक्ति दिखने के बाद पाकिस्तानी नौसेना डर के चलते अपने बंदरगाहों में ही छिपी रही.
आतंकी ठिकानों पर भारत की कार्रवाईपहलगाम आतंकी हमले के जवाब में भारतीय सेना ने पाकिस्तान में कम से कम नौ आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया था. इसके बाद पाकिस्तान ने मिसाइल हमलों की कोशिश की, जो नाकाम रहे. जवाब में भारत ने पाकिस्तान के कई एयरबेस नुकसान पहुंचाए.
विक्रांत बैटल ग्रुप युद्ध मोड पर तैनातनौसेना दिवस के मौके पर वेस्टर्न नेवल कमांड के प्रमुख वाइस एडमिरल स्वामीनाथन ने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान आईएनएस विक्रांत कैरियर बैटल ग्रुप पूरी तरह युद्ध स्तर पर तैनात था. उन्होंने दावा किया कि भारतीय नौसेना के तेज रवैये के बाद पाकिस्तान सीजफायर मांगने लगा.
बांग्लादेश को लेकर भी संकेतएडमिरल त्रिपाठी ने बांग्लादेश से संबंधों पर कहा कि भारत अपने पड़ोसी को एक मित्र की तरह देखता है और वहां होने वाले फरवरी के चुनाव के बाद हालात में सकारात्मक बदलाव देखने की उम्मीद है. उन्होंने बताया कि नौसेना प्रमुख बनने के बाद उनकी पहली आधिकारिक विदेश यात्रा भी बांग्लादेश की ही थी.
गौरतलब है कि बीते नवंबर महीने में भारतीय थल सेना, नौसेना और वायुसेना ने संयुक्त रूप से ‘त्रि-सेवा अभ्यास 2025’ का सफल आयोजन किया था. भारत की तीनों सेनाओं द्वारा यह संयुक्त अभ्यास राजस्थान, गुजरात और उत्तरी अरब सागर के विस्तृत क्षेत्रों में किया गया था. इस विशाल सैन्य अभ्यास में जटिल युद्ध परिस्थितियों और बहु-क्षेत्रीय समन्वित अभियानों का प्रदर्शन किया गया.