13 जनवरी 2026 को भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने सालाना प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि भारत अब एक मजबूत रॉकेट और मिसाइल फोर्स बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है. जनरल द्विवेदी ने बताया कि चीन और पाकिस्तान ने पहले से ही अपनी मिसाइल और ड्रोन फोर्स खड़ी कर ली है, इसलिए भारत को भी ऐसी फोर्स की जरूरत है.

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रॉकेट और मिसाइल गेमचेंजर हथियार

जनरल द्विवेदी ने कहा, 'क्या हमें मिसाइल फोर्स की जरूरत है? जवाब है हां. आज रॉकेट और मिसाइल एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं. अगर हम आगे रहना चाहते हैं, तो दोनों से काम लिया जा सकता है. हम रॉकेट-मिसाइल फोर्स की ओर देख रहे हैं.'

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जनरल द्विवेदी ने कहा कि भारत पहले ही 150 किमी और 450 किमी का रॉकेट सिस्टम शामिल कर चुका है. इस क्षमता को और ज्यादा बढ़ाने की कोशिश की जा रही है.

रॉकेट और मिसाइल को लेकर भारत की मौजूदा स्थिति क्या है?

  • भारतीय सेना ने पहले ही पिनाका सिस्टम को शामिल किया है, जिसकी रेंज 120 किलोमीटर है.
  • अब 150 किमी तक की रेंज वाले अतिरिक्त कॉन्ट्रैक्ट साइन हो चुके हैं.
  • प्रलय और ब्रह्मोस जैसे सिस्टम के साथ लंबी दूरी की स्ट्राइक क्षमता बढ़ाई जा रही है.
  • ड्रोन की रेंज को भी बढ़ाने की तैयारी है. हाल ही में 100 किमी रेंज वाले ड्रोन टेस्ट किए गए हैं और आगे और विस्तार किया जा रहा है.
  • सेना स्वॉर्म ड्रोन रेजिमेंट्स बना रही है, जो 5 किमी से लेकर 500 किमी तक के ऑपरेशन कर सकेंगी.

PM मोदी ने JAI का नारा दिया

उपेंद्र द्विवेदी ने कहा, 'हम 2025 में सुरक्षा के क्षेत्र में बहुत अच्छी प्रगति कर चुके हैं. हमारी क्षमता बढ़ी है और बॉर्डर पर बुनियादी ढांचा भी काफी बेहतर हो गया है.' उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सितंबर 2025 में 'JAI' का नारा दिया था. JAI यानी संयुक्तता (सभी सेनाओं का साथ मिलकर काम), आत्मनिर्भरता (देश में ही हथियार और टेक्नोलॉजी बनाना) और नवाचार (नई-नई तकनीक अपनाना).

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जनवरी 2025 में कई बड़े सुधारों की घोषणा की थी. इसके अलावा भारतीय सेना ने खुद पिछले 10 सालों में बहुत बदलाव किए हैं. इन सबके कारण जनरल द्विवेदी ने कहा, '2025 में जो प्रगति हुई है, उससे हम पूरी तरह संतुष्ट हैं. यानी, सेना अब मजबूत, आत्मनिर्भर और आधुनिक हो चुकी है.'