पहलगाम आतंकी हमले के मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) अब लश्कर-ए-तैयबा के प्रमुख और हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद को अदालत का समन भेजने की तैयारी में है. NIA विदेश मंत्रालय के जरिए यह समन पाकिस्तान भेजेगी. पहलगाम हमले के मामले में NIA ने दाखिल की गई सप्लीमेंट्री चार्जशीट में हाफिज सईद को आरोपी बनाया है. जम्मू की NIA विशेष अदालत पहले ही हाफिज सईद के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी कर चुकी है.

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चूंकि हाफिज सईद इस मामले में आरोपी है, इसलिए मुकदमे की सुनवाई के दौरान अदालत में पेश होने के लिए उसे समन भेजा जाएगा. NIA के मुताबिक, विदेश मंत्रालय के माध्यम से पाकिस्तान में समन की तामील कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी.

पहलगाम आतंकी हमले के मामले की सुनवाई

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हाफिज सईद की अनुपस्थिति में भी पहलगाम आतंकी हमले के मामले की सुनवाई आगे बढ़ाने की तैयारी है. इसके लिए BNSS-2023 की धारा 365 के तहत ‘ट्रायल ऑफ एन्सेंसिया’ (Trial of Absentia) की प्रक्रिया अपनाई जाएगी. इसके तहत आरोपी की गैर-मौजूदगी में भी अदालत में मुकदमे की कार्यवाही आगे बढ़ाई जा सकती है.

पहलगाम हमला कब हुआ था?

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम की बैसरन घाटी में  22 अप्रैल 2025 को आतंकवादियों ने पर्यटकों पर हमला किया था. इस हमले में 26 लोगों की मौत हुई और 20 से अधिक लोग घायल हुए. मृतकों में अधिकांश पर्यटक थे. केंद्र सरकार के निर्देश के बाद राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने जांच अपने हाथ में ली. जांच में पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा (LeT) और उसके सहयोगी संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) का नाम सामने आया.

जांच में क्या सामने आया?

NIA ने मामले में आरोपपत्र दाखिल किया है. एजेंसी के अनुसार हमले की साजिश और उसे अंजाम देने में पाकिस्तान स्थित आतंकी नेटवर्क की भूमिका सामने आई. NIA ने बाद की कार्रवाई में लश्कर-ए-तैयबा के प्रमुख हाफिज सईद को भी मामले में आरोपी बनाया.