Pahalgam Terror Attack: 'हिंदुओं से बस यही कहूंगा- I LOVE YOU, ये दहशगर्द किसी के नहीं हैं', भारत से लौटा पाकिस्तानी क्या-क्या कह गया
Pahalgam Attack: तुफैल खान भारत में अपने गांव को याद करके भावुक हो गए. उन्होंने कहा कि पहले वह हर साल यहां आते थे.

'एक पाकिस्तानी जो हर साल भारत आने की खवाहिश में वीजा के लिए अप्लाई कर रहा था. वो कहता है कि हमारे बाप दादाओं की कब्रें हैं इस धरती पर. बड़ी मोहब्बत है मुझे इस देश से. पहले तो मैं हर साल यहां आता था, पिछले कुछ सालों से वीजा को लेकर सख्ती हो गई. इस बार नौ साल के बाद वीजा मिला था मैं दुबई होते हुए इंडिया आया, इतना लंबा रास्ता तय किया, बहुत पैसा भी खर्च किया. क्या करें अब लौटना पड़ रहा है, मैं हिंदुओं से यही कहूंगा. LOVE YOU.'
प्यार, मोहब्बत की बात करने वाले शख्स का नाम है तुफैल खान. उम्रदराज हो चले हैं, भारत में इनके रिश्तेदारियां हैं. पहलगाम आतंकी हमले के बाद तुफैल खान पाकिस्तान लौट गए. बीबीसी को दिए इंटरव्यू में तुफैल खान ने कार में बैठे-बैठे ही अपने गांव के हनुमान को फोन लगाया और बोले- कैसे हो हनुमान, क्या हैं... अरे डॉक्टर जोगिंदर से बात कराओ ... उधर से भी उतनी ही गर्मजोशी से जवाब आया.
तुफैल खान अपने गांव (भारत में) को याद कर भावुक होते हुए बोले, 'पहले मैं हर साल यहां आता था. मेरे गांव के 300-400 लोग मुझसे मिलने आते हैं. मेरे लिए खाना भी रखा, मेरे लौटने से पहले हमने तस्वीरें भी खिंचवाईं पर ये दहशतगर्द किसी के नहीं हैं. मैं अपने हिंदुओं से बस यही कहना चाहता हूं कि मैं आपसे मोहब्बत करता हूं, प्यार करता हूं. LOVE YOU.'
पहलगाम में आतंकियों का हमला
22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए खूंखार आतंकी हमले ने दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ा दिया है. उस दिन पहलगाम की बैसारन घाटी में देश के अलग-अलग राज्यों से गए पर्यटक कश्मीर की खूबसूरती का आनंद ले रहे थे, तभी कुछ दहशतगर्द वहां आए और फायरिंग शुरू कर दी. लोगों से नाम पूछा, धर्म पूछा और फिर कहा कलमा सुनाओ. जिसने कलमा सुनाया उसको छोड़ दिया और जो नहीं सुना पाया या हिचकिचाया तो उसको ऑन द स्पॉट उसके परिवार के सामने ही गोली मार दी.
चशमदीदों ने जब वो खौफनाक मंजर बताया तो हर किसी के रोंगटे खड़े हो गए. हमले की जिम्मेदारी पाकिस्तानी आतंकी संगठन लश्कर ए तैयबा के सहयोगी ग्रुप द रेजीस्टेंस फ्रंट ने ली है. हमले से कुछ दिन पहले 16 अप्रैल को पाक आर्मी चीफ आसिम मुनीर ने भाषण दिया था, जिसमें उन्होंने कश्मीर को गले की नस बताया और टू नेशन थ्योरी की बात की. उन्होंने यह भी बताया कि मुसलमान हिंदुओं से अलग हैं, यही पाकिस्तान बनने का आधार था और हर पाकिस्तान को अपने बच्चों को ये बात बतानी चाहिए.
क्या रावलकोट में रची गई हमले की साजिश?
आसिम मुनीर के बाद 18 अप्रैल को लश्कर के कमांडर अबू मूसा ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर, पीओके के रावलकोट में भड़काऊ भाषण दिया, जिसमें उसने जिहाद और कश्मीर में खून-खराबे की बातें कहीं थीं. इस रैली में कई आतंकी लीडर भी शामिल हुए थे, जिन्हें आधिकारिक संरक्षण प्राप्त था. आसिम मुनीर और अबू मूसा के ये भाषण अब चर्चाओं में हैं और माना जा रहा है कि ये हमले से पहले के सिग्नल थे. वहीं, दो महीने पहले 5 फरवरी को लश्कर और जैश ए मोहम्मद ने हमास के कमांडर्स को रावलकोट बुलाया था और पहलगाम हमले से कुछ दिन पहले भी हमास के कमाडर्स को पीओके में देखा गया था.
हमले के बाद भारत सरकार ने कठोर कदम उठाए हैं, जिससे पाकिस्तान बौखलाया हुआ है. क्या हैं भारत के बड़े फैसले-
- 1960 की इंडस वॉटर ट्रीटी को तत्काल प्रभाव से स्थगित करना
- चेक पोस्ट अटारी को तत्काल प्रभाव से बंद करना
- पाकिस्तानी उच्चायोग के स्टाफ की संख्या 50 से 30 कर दी गई
- इस्लामाबाद में भारतीय उच्चायोग से सलाहकारों को वापस बुलाया
- पाकिस्तानियों को 48 घंटे के अंदर देश छोड़ने का निर्देश
- पाकिस्तान गए भारतीयों को मई से पहले वापस आना है
- पाकिस्तानियों को दिए जाने वाले 17 तरह के सभी वीजा तत्काल रद्द
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Source: IOCL























