नई दिल्ली: केंद्र की मोदी सरकार और प्रदेश की योगी सरकार के सुर में सुर मिलाने ले वाले योग गुरु बाबा रामदेव के तेवर राम मंदिर निर्माण लेकर कुछ तल्ख नजर आ रहे है. योग गुरु ने साफ कहा कि केंद्र और प्रदेश में दोनों जगह योगी और मोदी जी की सरकार है इसके बावजूद यदि राम मंदिर नहीं बनता तो जनता का विश्वास बीजेपी से उठ जाएगा. उन्होंने कहा कि यदि बिना कोर्ट के आदेश के राम मंदिर आम जनता बनाती है तो उससे माहौल बिगड़ जाएगा इसलिए कानून लाकर राम मंदिर का निर्माण का रास्ता साफ करना चाहिए.

उत्तरी हरिद्वार स्थित शदाणी दरबार के नवनिर्मित भवन के उद्घाटन समारोह में राम मंदिर पर अपनी बात रखते हुए राम देव ने कहा, ''भगवान राम भारतीय जनमानस की आस्था के प्रतीक हैं. उनके मंदिर निर्माण का मसला देश की अस्मिता से जुड़ा है. इसमें विलंब से हिंदुओं का धैर्य जवाब दे रहा है.' उन्होंने कहा कि अगर कार सेवक मंदिर निर्माण का काम शुरू करते हैं तो वह न्यायालय की अवमानना होगी, अध्यादेश ही एकमात्र रास्ता है.

संतों के इसी कार्यक्रम में सरकार को अल्टीमेटम भी दिया गया. संतों कि 6 दिसंबर के बाद यदि सुनवाई नहीं होती तो संत अयोध्या कूच करेंगे. अग्नि अखाड़े के महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद महाराज ने दो टुक कहा कि 6 दिसंबर तक यदि भारत सरकार कोई निर्णय राम मंदिर निर्माण के लिए ले लेती है तो ठीक है नहीं तो देश का साधु संत कोई अंतिम निर्णय लेने के लिए मजबूर होगे.

उन्होंने कहा कि सरकार फैसला नहीं लेगी तो तमाम संत समाज कोई बड़ा निर्णय लेगा. स्वामी कैलाशानंद महाराज ने यही भी कहा कि 6 दिसंबर के बाद स्वामी सत्यमित्रानंद गिरी भी राम मंदिर निर्माण को लेकर अनशन करने की बात केंद्र सरकार को बता चुके हैं.