Operation Sindoor: अमृतसर के गोल्डन टेंपल के मुख्य ग्रंथी ने उस दावे को खारिज कर दिया, जिसमें कहा गया था कि स्वर्ण मंदिर के ऊपर एयर डिफेंस गन तैनात करने के लिए परमिशन ली गई थी. शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी (SGPC) ने इस मामले में बयान जारी किया है. मुख्य ग्रंथी रघबीर सिंह ने कहा कि जिस समय परमिशन लेने की बात कही जा रही है, तब वह देश में नहीं थे.

मुझसे नहीं किया गया संपर्क- मुख्य ग्रंथी

रघबीर सिंह ने कहा, "किसी ने मुझसे संपर्क नहीं किया. किसी भी बंदूक की तैनाती पर कोई बातचीत नहीं हुई और न ही दरबार साहिब में ऐसी कोई घटना हुई. मैं 22 दिनों के लिए (24 अप्रैल से 14 मई तक) अमेरिका में छुट्टी पर था. भारत-पाकिस्तान के बीच संघर्ष मेरे जाने के बाद शुरू हुआ और मेरे देश लौटने से पहले समाप्त हो गया."

SGPC ने की जांच की मांग

उन्होंने कहा, "शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी को उस दावे की जांच करनी चाहिए, जिसमें परमिशन देने की बात कही गई है. अगर कोई एसजीपीसी सदस्य इस मामले में शामिल पाया जाता है तो विभागीय कार्रवाई करनी चाहिए." एसजीपीसी की ओर से जारी आधिकारिक बयान में रघबीर सिंह की अनुपस्थिति में कार्यभार संभाल रहे अतिरिक्त मुख्य ग्रंथी अमरजीत सिंह ने स्पष्ट किया कि हरमंदर साहिब प्रबंधन ने ब्लैकआउट पर जिला प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए परिसर की बाहरी लाइटें बंद कर दी थीं.

'स्वर्ण मंदिर में एयर डिफेंस गन नहीं लगाई गई'

एसजीपीसी के अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी ने कहा कि किसी भी अधिकारी ने उनसे संपर्क नहीं किया और न ही स्वर्ण मंदिर में कोई एयर डिफेंस गन लगाई गई. उन्होंने कहा कि ब्लैकआउट के दौरान भी श्रद्धालु हरमंदर साहिब में सेवा करते रहे और अगर ऐसी कोई घटना होती तो संगत (अनुयायी) निश्चित रूप से इसे नोटिस करती. हरजिंदर सिंह धामी ने ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत देश की रक्षा में तैनात सेना के कामों की सराहना की.

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